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कोरोना से अपनों को खोने का गम बन रहा मानसिक बीमारी की वजह
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कोरोना से अपनों को खो देने का गम लोगों के मानसिक तनाव का कारण बन रहा है। यह अकेलापन लोगों के जीवन में अब घर करने लगा है। जिससे उबरने में लोग मानसिक रोगों से घिरते जा रहे हैं। कोरोना से पीड़ित मरीज जो आईसोलेशन में हैं उनके साथ भी ऐसी समस्या आ रही है। दूसरी ओर बच्चों में भी कोरोना को लेकर तनाव दिखने लगा है। कोरोना को लेकर बच्चों में संक्रमण का डर उनको एंजाइटी और डिप्रेशन का शिकार बना रहा है। वहीं, कारोबार और रोजगार की समस्या से जूझ रहे लोगों में भी इस प्रकार की शिकायत देखने को मिल रही हैं।
मंडलीय अस्पताल की डॉ. अमनदीप गिल ओहरी बताती हैं कि कोरोना की वजह से अपनो को खो देने की वजह से लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं, होम आईसोलेशन और अस्पताल में भर्ती कोरोना के मरीजों में भी नींद न आने की दिक्कतें और तनाव की शिकायत आ रही है। ऐसे मरीजों को फोन से सलाह दे रहे हैं। इसमें ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से डिप्रेशन और तनाव से ग्रसित लोगों का इलाज किया जा रहा है। रोजाना 20 से 25 मरीजों को चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है। कोविड मेंटल हेल्पलाइन के जरिये मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
मंडलीय अस्पताल के डॉ. रविन्द्र कुशवाहा ने बताया कि कोरोना के संक्रमण का भय अब बच्चों के मन मस्तिष्क पर पड़ रहा है। बच्चों में इस प्रकार की समस्या को एंजाइटी के लक्षणों को बतातीं हैं। हालही में 10 से 17 साल के बच्चों में ऐसी शिकायत देखने को मिली। साथ ही रोजगार की समस्या व संक्रमण की डर की वजह से भी लोग मानसिक तनाव में हैं।
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इस तरह तनाव को करें कम
कोरोना के डर से मानसिक तनाव लेने की जरूरत नहीं है। सकारात्मक सोच रखें। खुद को ज्यादा से ज्यादा समय दें। उन लोगों से ज्यादा संपर्क में रहें जिनपर आपको भरोसा हो। सोशल साइट्स पर नकारात्मक संदेशों पर ध्यान न दें। योग और व्यायाम के साथ ही मेडिटेशन करें। पौष्टिकता युक्त भोजन का सेवन करें।
इन नंबरों पर लें चिकित्सकों की सलाह
मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए केंद्रीय व राजकीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड मेंटल हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इन नंबरों 1800-599-0019, 08046110007, 080-47116414 पर संपर्क कर अनुभवी चिकिसकों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह व उपचार लिया जा सकता हैं।
केस - 1
पहाड़िया स्थित जेडी नगर में रहने वाले चार सदस्यीय परिवार कोरोना के संक्रमण से प्रभावित था। मां की कोरोना से मृत्यु हो गई। जिससे 27 वर्षीय बड़े बेटे को बड़ा झटका लगा और मां की चिंता ने उन्हें मानसिक तनाव में जकड़ लिया।
केस- 2
महमूरगंज निवासी 12 वर्षीय बच्चे को कोरोना का डर सता रहा है। परिजनों ने चेकअप और कोविड टेस्ट भी कराया। सारी चीजें सामान्य होने के बावजूद उसे घबराहट की शिकायत है। इस बीमारी को मेडिकल की भाषा मे एंजाइटी कहते हैं।
केस- 3
सिगरा निवासी 13 साल के बच्चे और राजातालाब की एक 17 साल की किशोरी में भी एंजाइटी की शिकायत है। चिकित्सकों ने बताया कि इनके दिमाग में कोरोना का डर बैठ गया है जिससे इन्हें ऐसी दिक्कत हो रही है। काउंसलिंग की जा रही है।
केस- 4
सिगरा इलाके की रहने वाली 32 वर्षीय महिला को कोविड की शिकायत है। इस दौरान होम आइसोलेशन में उन्हें मानसिक तनाव की वजह से नींद न आने की समस्या है। तेज घबराहट की वजह से उन्हें बार-बार गाला सूखने की समस्या हो रही है।
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मंडलीय अस्पताल की डॉ. अमनदीप गिल ओहरी बताती हैं कि कोरोना की वजह से अपनो को खो देने की वजह से लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं, होम आईसोलेशन और अस्पताल में भर्ती कोरोना के मरीजों में भी नींद न आने की दिक्कतें और तनाव की शिकायत आ रही है। ऐसे मरीजों को फोन से सलाह दे रहे हैं। इसमें ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से डिप्रेशन और तनाव से ग्रसित लोगों का इलाज किया जा रहा है। रोजाना 20 से 25 मरीजों को चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है। कोविड मेंटल हेल्पलाइन के जरिये मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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मंडलीय अस्पताल के डॉ. रविन्द्र कुशवाहा ने बताया कि कोरोना के संक्रमण का भय अब बच्चों के मन मस्तिष्क पर पड़ रहा है। बच्चों में इस प्रकार की समस्या को एंजाइटी के लक्षणों को बतातीं हैं। हालही में 10 से 17 साल के बच्चों में ऐसी शिकायत देखने को मिली। साथ ही रोजगार की समस्या व संक्रमण की डर की वजह से भी लोग मानसिक तनाव में हैं।
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इस तरह तनाव को करें कम
कोरोना के डर से मानसिक तनाव लेने की जरूरत नहीं है। सकारात्मक सोच रखें। खुद को ज्यादा से ज्यादा समय दें। उन लोगों से ज्यादा संपर्क में रहें जिनपर आपको भरोसा हो। सोशल साइट्स पर नकारात्मक संदेशों पर ध्यान न दें। योग और व्यायाम के साथ ही मेडिटेशन करें। पौष्टिकता युक्त भोजन का सेवन करें।
इन नंबरों पर लें चिकित्सकों की सलाह
मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए केंद्रीय व राजकीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड मेंटल हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इन नंबरों 1800-599-0019, 08046110007, 080-47116414 पर संपर्क कर अनुभवी चिकिसकों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह व उपचार लिया जा सकता हैं।
केस - 1
पहाड़िया स्थित जेडी नगर में रहने वाले चार सदस्यीय परिवार कोरोना के संक्रमण से प्रभावित था। मां की कोरोना से मृत्यु हो गई। जिससे 27 वर्षीय बड़े बेटे को बड़ा झटका लगा और मां की चिंता ने उन्हें मानसिक तनाव में जकड़ लिया।
केस- 2
महमूरगंज निवासी 12 वर्षीय बच्चे को कोरोना का डर सता रहा है। परिजनों ने चेकअप और कोविड टेस्ट भी कराया। सारी चीजें सामान्य होने के बावजूद उसे घबराहट की शिकायत है। इस बीमारी को मेडिकल की भाषा मे एंजाइटी कहते हैं।
केस- 3
सिगरा निवासी 13 साल के बच्चे और राजातालाब की एक 17 साल की किशोरी में भी एंजाइटी की शिकायत है। चिकित्सकों ने बताया कि इनके दिमाग में कोरोना का डर बैठ गया है जिससे इन्हें ऐसी दिक्कत हो रही है। काउंसलिंग की जा रही है।
केस- 4
सिगरा इलाके की रहने वाली 32 वर्षीय महिला को कोविड की शिकायत है। इस दौरान होम आइसोलेशन में उन्हें मानसिक तनाव की वजह से नींद न आने की समस्या है। तेज घबराहट की वजह से उन्हें बार-बार गाला सूखने की समस्या हो रही है।