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Varanasi News: वृश्चिक से धनु राशि में 16 को प्रवेश करेंगे भगवान सूर्य
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वाराणसी। सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ ही 16 दिसंबर से खरमास की शुरूआत हो जाएगी। 16 दिसंबर से 14 जनवरी 2024 तक सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव कर्क, तुला, कुंभ व मीन राशि वालों पर बेहद शुभ रहेगा। वहीं धनु संक्रांति का संयोग बनने से श्रद्धालु गंगा में पुण्य की डुबकी भी लगाएंगे। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि सूर्य वृश्चिक से धनु राशि में 16 दिसंबर को दिन में 3:58 बजे प्रवेश करेंगे और 14 जनवरी को अर्द्धरात्रि के पश्चात 2:43 मिनट तक रहेंगे। 16 दिसंबर को अर्द्धरात्रि के पश्चात श्रवण नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। सूर्य के राशि परिवर्तन से धनु संक्रांति का सामान्य पुण्यकाल प्रात: 9:34 बजे तक संक्रांति काल तक रहेगा। इसके बाद विशेष पुण्यकाल संक्रांति काल से सूर्यास्त तक रहेगा। इस अवधि में गंगा स्नान, दान, जप का पुण्यलाभ मिलेगा। गंगा स्नान संभव ना हो तो घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। धनु संक्रांति के आरंभ में सूर्य धनु राशि में, चंद्रमा मकर राशि में, मंगल वृश्चिक राशि, बुध धनु राशि में, बृहस्पति मेष राशि में, शुक्र तुला राशि में, शनि कुंभ राशि में, राहु मीन राशि तथा केतु कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। सूर्य के राशि परिवर्तन से विश्वपटल पर अकल्पित और अनहोनी घटनाएं देखने को मिलेंगी।
बारह राशियों पर प्रभाव
मेष- भौतिक सुख सुविधा में कमी
वृषभ- ग्रह स्थिति प्रतिकूल
मिथुन-सफलता में बाधा
कर्क- आरोग्य सुख की प्राप्ति
सिंह- कार्यसिद्धि में निराशा
कन्या- पारिवारिक व मानसिक कष्ट
तुला- आय के नवीन साधन सुलभ
वृश्चिक- व्यावसायिक प्रगति में अड़चन
धनु- आरोग्य सुख में व्यतिक्रम
मकर- अभिलाषा की पूर्ति में बाधा
कुंभ- लाभ का मार्ग प्रशस्त
मीन- विविध पक्षों में सफलता
सूर्यग्रह की प्रसन्नता के लिए अपने आराध्य देवी-देवता की आराधना के साथ सूर्यग्रह की भी अर्चना नियमित करें। प्रात:काल भगवान सूर्य को ताम्रपात्र में रोली, अक्षत, लाल फूल व गुड़ डालकर पूर्वाभिमुख होकर अर्घ्य अर्पित करें। सूर्यमंत्र आदित्यहृदय स्तोत्र, श्री आदित्यकवच, श्री सूर्यसहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए।
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बारह राशियों पर प्रभाव
मेष- भौतिक सुख सुविधा में कमी
वृषभ- ग्रह स्थिति प्रतिकूल
मिथुन-सफलता में बाधा
कर्क- आरोग्य सुख की प्राप्ति
सिंह- कार्यसिद्धि में निराशा
कन्या- पारिवारिक व मानसिक कष्ट
तुला- आय के नवीन साधन सुलभ
वृश्चिक- व्यावसायिक प्रगति में अड़चन
धनु- आरोग्य सुख में व्यतिक्रम
मकर- अभिलाषा की पूर्ति में बाधा
कुंभ- लाभ का मार्ग प्रशस्त
मीन- विविध पक्षों में सफलता
सूर्यग्रह की प्रसन्नता के लिए अपने आराध्य देवी-देवता की आराधना के साथ सूर्यग्रह की भी अर्चना नियमित करें। प्रात:काल भगवान सूर्य को ताम्रपात्र में रोली, अक्षत, लाल फूल व गुड़ डालकर पूर्वाभिमुख होकर अर्घ्य अर्पित करें। सूर्यमंत्र आदित्यहृदय स्तोत्र, श्री आदित्यकवच, श्री सूर्यसहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए।
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