फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Lord Jagannath sitting in the doli

डोली में विराजे भगवान जगन्नाथ

Mon, 12 Jul 2021 02:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 02:06 AM IST
विज्ञापन
Lord Jagannath sitting in the doli
परंपराओं की थाती को समेटे काशी में रथयात्रा की परंपरा लगातार दूसरे साल भी मंदिर परिसर में ही निभाई गई। नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा और भैया बलभद्र के साथ डोली में सवार होकर निकले। कोरोना संक्रमण के कारण लगातार दूसरे साल रथयात्रा मेले को स्थगित किए जाने से सभी परंपराओं का निर्वहन मंदिर परिसर में ही किया जा रहा है। भगवान का दर्शन और रथयात्रा मेला नहीं सजने से भक्त भी दुखी हैं।
विज्ञापन

रविवार की शाम को चार बजे भक्तों ने प्रभु जगन्नाथ की डोली का शृंगार किया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ मंदिर के गर्भगृह की परिक्रमा कर प्रतीकात्मक डोली यात्रा की परंपरा निभाई गई। दोपहर तीन बजे मंदिर का पट खुलने के बाद डोली शृंगार आरंभ हुआ। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के विग्रह को डोली में सवार कराकर मंदिर के गर्भ गृह की परिक्रमा कराकर यात्रा की औपचारिकता निभाई गई। इस दौरान गाजे-बाजे की धुन से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। डोली यात्रा के बाद मंदिर आरती की गई और पट बंद कर दिए गए। मंदिर के पुजारी राधेश्याम पांडेय के अनुसार, सोमवार को प्रात: काल सवा पांच बजे से दर्शन आरंभ हो जाएगा।
विज्ञापन

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के पूर्व के पिछले कई वर्षों में आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा असि स्थित जगन्नाथ मंदिर से गाजे-बाजे के साथ विभिन्न मार्गों से होती हुई रथयात्रा स्थित बेनीराम के बागीचे में जाती है और अगले दिन की भोर अर्थात आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया से चतुर्थी तक काशी की लक्खा मेले रथयात्रा मेले की शुरुआत हो जाती है। ट्रस्टी श्री जगन्नाथ मंदिर के सचिव आलोक शापुरी के अनुसार इस वर्ष तीन दिवसीय रथयात्रा मेला प्रतीकात्मक रूप से मंदिर परिसर में ही होगा। इस दौरान मंदिर के बाहर से ही भक्त दर्शन कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

आज भगवान का होगा पीतांबरी शृंगार
सोमवार को भगवान का पीतांबरी शृंगार होगा। सुबह चना और शरबत का भोग, दोपहर में कोहड़े की सब्जी, पूड़ी और दही, देसी चीनी व अचार का भोग लगेगा। 12 से तीन बजे तक मंदिर का कपाट बंद हो जाएगा। शाम 3 बजे से 9 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जएगा। शाम 7.30 बजे आरती होगी। रात 9 बजे शयन आरती होगी। दूसरे दिन भगवान लाल वस्त्र धारण करेंगे और उनका रक्ताबंरी शृंगार होगा। तीसरे दिन श्वेत स्वरूप में भगवान का शृंगार होगा। भगवान को जगरनाथी पान का विशेष भोग लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed