स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए श्रद्धलुओं की लंबी कतार, धनतेरस पर लूट रहे खजाना
काशीपुराधिपति को अन्नदान करने वाली माता अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह से ही भक्तों का रेला उमड़ने लगा। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर बाबा काशी विश्वनाथ के आंगन में विराजमान मां अन्नपूर्णेश्वरी भक्तों पर चार दिनों तक खजाना लुटाएंगी।
स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन के करने आए भक्तों से गोदौलिया क्षेत्र पूरी तरह से पट गया है। श्रद्धलुओं की कतार ढेरसी पुल तक लगी हुई है। पट खुलने से नौ बजे तक करीब 35,000 श्रद्धलुओं ने माता के दर्शन कर लिए।
माता के दरबार में दर्शन के लिए गुरुवार की शाम से ही मंदिर परिक्षेत्र में कतार लगनी शुरू हो गई थी। मान्यता है कि काशी नगरी में पालन-पोषण को देवाधिदेव मां की कृपा पर ही आश्रित हैं।
शुक्रवार को मंगला आरती के बाद से माता के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। गुरुवार की शाम चार बजे से ही श्रद्धालु बांसफाटक से कतारबद्ध हो गए। ढुंढिराज गेट नंबर एक से दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश मिल रहा है। इसके उपरांत बायें हाथ बनी अस्थायी सीढ़ी से माता के दरबार में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दर्शन के उपरांत दूसरी तरफ से राम मंदिर परिसर से निकास है।
सुबह से रात तक मिलेगा दर्शन
इस बार 25 अक्तूबर को प्रात: पांच से रात 11 बजे तक भक्तगण स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा का दर्शन व अन्न-धन का खजाना पाएंगे। इस बीच भोग आरती के लिए दोपहर 12 से 12:30 बजे तक पट बंद होंगे। विशिष्टजन शाम पांच से सात बजे तक स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा 26, 27 व 28 को सुबह चार से रात 11 बजे तक माता के दर्शन किए जा सकेंगे।