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अफसर को खदेड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 01 Oct 2016 01:30 AM IST
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लोहिया गांव अर्जुनपुर में शुक्रवार को लोहिया आवास के पात्रों की सूची की जांच करने पहुंचे एडीओ एसटी संजय कुमार से ग्रामीणों की झड़प हो गई। पूर्व ग्राम प्रधान रेशमा देवी और पूर्व बीडीसी मुन्ना लाल गोंड के साथ दर्जनों ग्रामीणों आरोप लगाया कि जिन्हें पूर्व में इंदिरा आवास दिए गए थे, उन्ही के पति या पत्नी के नाम लोहिया आवास की सूची में शामिल किए जा रहे हैं। भड़के ग्रामीणों ने एडीओ को गांव से खदेड़ दिया।
गांव के पूर्व प्रधान संजय दुबे और रेशमा ने बताया कि गांव में 25 लोहिया आवास बनने हैं, जिसकी सूची बनाकर ग्राम प्रधान विद्या शंकर पटेल ने ब्लॉक को भेजी थी। प्रधान की सूची पर ग्रामीणों के आपत्ति दर्ज कराने पर जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित की थी। जांच में प्रधान की सूची में कई नाम अपात्रों के पाए गए थे।
दोनों ने आरोप लगाया कि अब एडीओ एसटी उन्ही अपात्रों के नाम फिर से सूची में जोड़ रहे हैं। इसी बात पर ग्रामीण एडीओ से भिड़ गए। ग्रामीणों का गुस्सा देख एडीओ को वहां से भागना पड़ा। ग्रामीणों ने डीएम से पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं, ग्राम प्रधान विद्या शंकर ने ग्रामीणों के आरोप को बेबुनियाद बताया। बीडीओ राधेश्याम वर्मा ने बताया कि जांच में अपात्रों ने नाम खारिज कर दिए गए थे। अब सीडीओ के आदेश पर एडीओ एसटी जांच करने गए थे, जहां विवाद हो गया।
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गांव के पूर्व प्रधान संजय दुबे और रेशमा ने बताया कि गांव में 25 लोहिया आवास बनने हैं, जिसकी सूची बनाकर ग्राम प्रधान विद्या शंकर पटेल ने ब्लॉक को भेजी थी। प्रधान की सूची पर ग्रामीणों के आपत्ति दर्ज कराने पर जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित की थी। जांच में प्रधान की सूची में कई नाम अपात्रों के पाए गए थे।
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दोनों ने आरोप लगाया कि अब एडीओ एसटी उन्ही अपात्रों के नाम फिर से सूची में जोड़ रहे हैं। इसी बात पर ग्रामीण एडीओ से भिड़ गए। ग्रामीणों का गुस्सा देख एडीओ को वहां से भागना पड़ा। ग्रामीणों ने डीएम से पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं, ग्राम प्रधान विद्या शंकर ने ग्रामीणों के आरोप को बेबुनियाद बताया। बीडीओ राधेश्याम वर्मा ने बताया कि जांच में अपात्रों ने नाम खारिज कर दिए गए थे। अब सीडीओ के आदेश पर एडीओ एसटी जांच करने गए थे, जहां विवाद हो गया।
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