{"_id":"0a4ff7f4bcf05a20d5f27c631fde3fa1","slug":"loco-will-run-at-full-speed-in-fog-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे में भी पूरी रफ्तार से दौड़ेगा रेल इंजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे में भी पूरी रफ्तार से दौड़ेगा रेल इंजन
वाराणसी, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2014 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीरेका एक ऐसा इंजन बना चुका है जो कोहरे में भी पूरी रफ्तार से दौड़
विज्ञापन
सकेगा। 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे राष्ट्र को समर्पित
करेंगे। इस डुअल कैब (इंजन के दोनों ओर पायलट के बैठने की व्यवस्था)
डब्ल्यूडीपी4डी इंजन में सामने की ओर डी-फॉगर ग्लास लगाए गए हैं, जिस पर
कोहरे का कोई असर नहीं होगा।
यही नहीं, इंजन में पहली बार एडवांस कंप्यूटराइज्ड ब्रेक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिसको कमांड देना आसान होगा। यह सिस्टम किसी भी तकनीकी गड़बड़ी होने की स्थिति में तत्काल पायलट को इसकी जानकारी दे देगा। यह सिस्टम रेलवे कंट्रोल के सर्वर से जुड़ा होगा। जहां से चालक को गाइड लाइन मिलती रहेगी।
इस सवारी गाड़ी इंजन में एसी के साथ-साथ ब्लोवर भी लगा होगा। हालांकि इस कांसेप्ट की घोषणा पहले भी हुई थी लेकिन यह पहला ऐसा इंजन होगा जिसमें एसी और ब्लोवर दोनों लगे होंगे। पायलट की सीट आटो एडजस्टेबल होगी। जो चालक की सुविधानुसार ऊपर-नीचे, आगे-पीछे होने के साथ ही चारों तरफ घूम सकेगी।
इसके अलावा, इंजन कंट्रोल कंसोल का भी अलग अनुभव होगा। स्पीड, ईंधन और इंजन की अन्य तकनीकी पहलुओं का डेटा सब डिजिटलाइज तरीके से अलग-अलग स्क्रीन पर दिखेगा। इसके अलावा, संचालन में आसानी के लिए इंजन में टीएफटी मॉनीटर भी लगा होगा। डीरेका के अधिकारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इंजन के लोकार्पण के साथ ही डीरेका की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आधारशिला भी रखेंगे।
विज्ञापन
इसके तहत डीरेका की वतर्मान डीजल इंजन उत्पादन क्षमता 200 से बढ़ाकर 250 की जानी है। इसके लिए तकनीकी विकास, संसाधन स्थापित करने का काम रेल विकास निगम करेगा। प्रथम फेज पर 236 करोड़ रुपए खर्च होंगे। क्षमता विकास का यह कार्य पूरी तरह से अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा ताकि श्रम, समय और धन तीनों की बचत हो सके।
यही नहीं, इंजन में पहली बार एडवांस कंप्यूटराइज्ड ब्रेक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिसको कमांड देना आसान होगा। यह सिस्टम किसी भी तकनीकी गड़बड़ी होने की स्थिति में तत्काल पायलट को इसकी जानकारी दे देगा। यह सिस्टम रेलवे कंट्रोल के सर्वर से जुड़ा होगा। जहां से चालक को गाइड लाइन मिलती रहेगी।
इस सवारी गाड़ी इंजन में एसी के साथ-साथ ब्लोवर भी लगा होगा। हालांकि इस कांसेप्ट की घोषणा पहले भी हुई थी लेकिन यह पहला ऐसा इंजन होगा जिसमें एसी और ब्लोवर दोनों लगे होंगे। पायलट की सीट आटो एडजस्टेबल होगी। जो चालक की सुविधानुसार ऊपर-नीचे, आगे-पीछे होने के साथ ही चारों तरफ घूम सकेगी।
विज्ञापन
इसके अलावा, इंजन कंट्रोल कंसोल का भी अलग अनुभव होगा। स्पीड, ईंधन और इंजन की अन्य तकनीकी पहलुओं का डेटा सब डिजिटलाइज तरीके से अलग-अलग स्क्रीन पर दिखेगा। इसके अलावा, संचालन में आसानी के लिए इंजन में टीएफटी मॉनीटर भी लगा होगा। डीरेका के अधिकारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इंजन के लोकार्पण के साथ ही डीरेका की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आधारशिला भी रखेंगे।
विज्ञापन
इसके तहत डीरेका की वतर्मान डीजल इंजन उत्पादन क्षमता 200 से बढ़ाकर 250 की जानी है। इसके लिए तकनीकी विकास, संसाधन स्थापित करने का काम रेल विकास निगम करेगा। प्रथम फेज पर 236 करोड़ रुपए खर्च होंगे। क्षमता विकास का यह कार्य पूरी तरह से अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा ताकि श्रम, समय और धन तीनों की बचत हो सके।