वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर के सेवादारों को पुलिस ने पीटा, अन्न क्षेत्र के लिए लेने निकले थे दूध
लॉकडाउन के बीच पुलिस की मनमानी जारी है। शनिवार की रात श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अन्न क्षेत्र के लिए दूध लेने जा रहे सेवादारों को पुलिस ने पीट दिया। मंदिर प्रशासन का कहना है कि पुलिस अगर ऐसी मनमानी करेगी तो वह भोजन का वितरण नहीं करा सकेंगे। शनिवार की रात मंदिर के सेवादार अभिषेक शर्मा, दीपक और मनोज शर्मा मंदिर के लिए दूध लेने गोदौलिया जा रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें गोदौलिया चौराहे पर रोक लिया।
हम लोग अपनी वर्दी में थे और हम लोगों ने अपना आईडी कार्ड भी दिखाया। बावजूद इसके मौके पर तैनात दरोगा रामप्रकाश यादव ने लाठी से तीनों को पीटना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर के लोग भी मौके पर पहुंचे तो दरोगा ने उनके साथ भी बदतमीजी करना शुरू कर दिया। इस मामले में मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह का कहना है कि घटना बेहद दुखद है।
पुलिस ने अन्न क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ गलत किया है। इसकी शिकायत मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और एसएसपी से की जाएगी। मंदिर के कर्मी 24 घंटे भोजन के पैकेट तैयार करने में लगे हुए हैं। अगर पुलिस का यही रवैया रहा तो हम लोग अन्न क्षेत्र से भोजन का वितरण नहीं कर पाएंगे। बता दें कि मंदिर प्रशासन की ओर से रोजाना दो हजार भूखों को नियमित भोजन कराया जा रहा है।
मंदिर के सेवादारों को नहीं रोकने की अपील
लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों के लिए मठ मंदिरों की ओर से अल्पाहार व भोजन का इंतजाम किया जा रहा है। वहीं कई जगह पुलिस के द्वारा भोजन बांटने वालों के साथ दुर्व्यवहार की भी शिकायतें मिली हैं। अन्नपूर्णा मंदिर में तीन दिनों से जरूरतमंदों के लिए भोजन का इंतजाम कराया जा रहा है। उपमहंत शंकर पुरी की देखरेख में मंदिर की ओर से सुबह शाम भोजन बंटवाया जा रहा है।
मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी ने बताया कि भोजन व्यवस्था में लगे सेवादार और कर्मचारी शहर के कई क्षेत्रों से रोजाना आते जाते हैं। आई कार्ड होने के बाद भी पुलिस द्वारा उनको परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि ऐसे कर्मचारियों के साथ नरमी बरती जाए। सुरक्षाकर्मियों से विनम्र अपील की है अन्नक्षेत्र के कर्मचारी सेवादारों को ड्यूटी पर आने दें, जिससे हम सुचारू रूप से प्रतिदिन भोजन बनवा सकें।