लॉकडाउन: बीएचयू परिसर में काम करने वाले मजदूरों का पास नहीं कुछ खाने को, बता रहे अपनी तकलीफ
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देश भर में लॉकडाउन होने की घोषणा होने के बाद से कई दिहाड़ी मजदूरों के खाने के लाले पड़ गए हैं। व्यवसाय, काम-धंधा बंद होने की वजह उन्हें काम भी नहीं मिल पा रहा है। इस कारण उनको खाने की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में काम करने वाले कई मजदूर हैं, जो भूखे हैं।
बीएचयू में करीब 50 मजदूर हैं, उन्हें आज खाना नहीं मिला है। कल भी जैसे-तैसे गुजारा किया। सरदार बल्लभ भाई पटेल हॉस्टल के पीछे रहने वाले दिनेश ने बताया कि हम लोग मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया है। हमारे यहां खाने की व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि बच्चों को दूध भी नहीं मिल रहा है।
उनका कहना है कि किसी से शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। परिसर से बाहर जाते हैं, तो पुलिस रोक लेती हैं। डंडा मारकर घर भेज देती है। वह कहते हैं कि ऐसे में खाना खाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। घर में राशन नहीं है। अगर खाने को कुछ नहीं मिला तो वह भूखे मर जाएंगे।
दरअसल, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया है। इस दौरान लोगों के घर से निकलने पर रोक लगा दी है। सरकार ने राशन, किराना, सब्जी, दवाई और बैंक पर पाबंदी नहीं लगाई है। लेकिन इनकी समय-सीमा तय कर दी है। साथ ही राशन की होम डिलीवरी की भी प्रशासन व्यवस्था करा रहा है।