कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच भी भ्रष्टाचार चरम पर, एसडीएम ने पकड़ा 19 लाख का गेंहू
कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन काल में भी बलिया में बिचौलियों का चमत्कार जारी है। इसका नजारा सोमवार को एसडीएम अशोक चौधरी व सीओ बैरिया अशोक कुमार सिंह ने भी किया। मुखबिर की सूचना पर दोनों अभी शुरू नहीं हुए एक क्रय केंद्र पर पहुंचे तो वहां पहले से ही लगभग एक हजार कुंतल गेहूं का भंडार हो चुका था। ये किसका था, ये बताने वाला वहां कोई नहीं था।
जानकारी के अनुसार बीते 30 अप्रैल को इस क्रय केंद्र को खोलने का आदेश जारी हो चुका है, लेकिन अभी बांट-माप विभाग की एनओसी नहीं मिलने से शुरू नहीं हो सका है। अब ये शुरू भले ही नहीं हुआ हो, लेकिन इसका गोदाम गेहूं से भर गया है।
ये क्रय केंद्र बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगापुर ग्राम पंचायत अंतर्गत साधन सहकारी समिति हनुमानगंज-मानगढ़ में गांधी चबूतरा के प्रांगण में बनाया गया है। यहां बने अंबेडकर सामुदायिक भवन में गेहूं अवैध रूप से रखा गया था। बोरियों पर सरकारी खाद रसद विभाग वर्ष 2019-20 लिखा था।
50 किलो गेहूं की क्षमता वाली प्लास्टिक व जूट की 1201 बोरियां और साधारण 96 बोरियों में रखा गेहूं बरामद हुआ है। इसी कैंपस में स्थापित साधन सहकारी समिति लिमिटेड हनुमानगंज-मानगढ़ के दो कमरों का ताला तोड़ने पर कुल 638 बोरी गेंहू बरामद हुआ। इस छापेमारी में कुल 967.50 कुंटल गेहूं बरामद हुआ, जिसकी कीमत 18 लाख 62 हजार 438 रुपये बताई जा रही है।
एसडीएम ने बरामद गेहूं के कमरों को सील कर एमआई रानीगंज प्रदीप जायसवाल की सुपुर्दगी में दिया है। एमआई ने गंगापुर ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार यादव व साधन सहकारी समिति हनुमानगंज-मानगढ़ के अध्यक्ष सन्तोष यादव को सील गेंहू से भरे कमरों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है।
एसडीएम बैरिया अशोक चौधरी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि गंगापुर ग्राम पंचायत के हनुमानगंज-मानगढ़ साधन सहकारी समिति पर अवैध रूप से काला बाजारी के लिए सैकड़ों कुंतल गेहूं रखा है। जब वे सीओ बैरिया व एमआई रानीगंज के साथ मौके पर पहुंचे तो साधन सहकारी समिति हनुमानगंज व उसी कैंपस में बने अंबेडकर सामुदायिक भवन गंगापुर में ताला लटक रहा था।
ताला तोड़ गया तो कमरे के भीतर सरकारी बोरियों में 50 किलो के पैकेट में भर कर गेंहू रखा मिला। उन्होंने साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष सन्तोष यादव से यह जानने का प्रयास किया कि गेहूं किसका है तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। एसडीएम ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। वहां से निर्देश मिलने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर आदि की कार्रवाई की जाएगी।
अभी नहीं मिली बांट-माप की एनओसी
साधन सहकारी समिति हनुमानगंज-मानगढ़ गेंहू क्रय केन्द्र को गेहूं खरीद की अनुमति बीते 30 अप्रैल को ही मिली है। एमआई प्रदीप जायसवाल ने बताया कि गेंहू क्रय केन्द्र के संचालन का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। गेंहू क्रय केन्द्र को बांट-माप विभाग की एनओसी अभी नहीं मिली है। ऐसे में ये गेहूं अवैध रूप से रखा प्रतीत होता है, जो बिचौलियों का हो सकता है।