फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Live again and let live and the message of non-violence

फिर से गूंजा जियो और जीने दो एवं अहिंसा का संदेश

Fri, 15 Apr 2022 01:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
Live again and let live and the message of non-violence
तीर्थंकर महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर जियो और जीने दो एवं अहिंसा का संदेश गूंज उठा। चांदी के रथ पर सवार भगवान महावीर के दर्शन के लिए जैन समुदाय की कतार लगी रही। जैन समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में कहीं चैती तो कहीं सामूहिक नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा एवं मंगल ध्वनि के साथ रथयात्रा का स्वागत किया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को श्री दिगंबर जैन समाज की ओर से रथयात्रा मैदागिन से आरंभ होकर बुलानाला, नीचीबाग, आसभैरव, चौक, ठठेरी बाजार होते हुए सोरा कुआं पहुंची। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री 1008 भगवान महावीर स्वामी की 2621वीं जयंती पर मैदागिन स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर से प्रात: नौ बजे पुष्प वर्षा व मंगल ध्वनि के साथ यात्रा आरंभ हुई। रथ को श्रद्धालु खींच रहे थे। शोभायात्रा में ध्वजा पताका, अहिंसा परमो धर्म, जियो और जीने दो का बैनर लिए लोग चल रहे थे। शोभा यात्रा में समाज के अध्यक्ष दीपक जैन, राजेश जैन, आर.सी. जैन, विनोद जैन, संजय जैन, प्रधान मंत्री अरुण जैन, विनय जैन, तरुण जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

108 रजत कलश से हुआ अभिषेक
सोरा कुआं पर आयोजित चैती के बाद तीर्थंकर महावीर के विग्रह को इंद्रों ने बड़े रजत रथ पर से उतारकर रजत नालकी पर विराजमान कराकर श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर पहुंचे। शहनाई की मंगल ध्वनि के बीच घंटा घड़ियाल, ढोल, मंजीरे के साथ रजत पांडुक शिला पर भगवान को विराजमान कर इंद्रो ने 108 रजत कलशों से अभिषेक एवं विशेष पूजन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंचकल्याणक महोत्सव मोक्ष कल्याणक दिवस के साथ संपन्न
1008 भगवान चंद्रप्रभु की जन्मभूमि श्री चंद्रावती जी दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र में पंचकल्याणक महोत्सव के तहत मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया गया। मोक्ष कल्याणक दिवस समारोह में भगवान का अभिषेक हुआ। मोक्ष कल्याणक के बाद नवनिर्मित नौ फीट पद्मासन प्रतिमा को आचार्य 108 विशुद्ध सागर महाराज और आचार्य प्रमुख सागर महाराज ने सूर्य मंत्र दिया। इसके बाद चांदी की पालकी में प्रभु को विराजमान कराकर भव्य शोभायात्रा चंद्रपुरी नगरी में निकाली गई।

आज भी प्रासंगिक है भगवान महावीर का ज्ञान
जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज की ओर से योग नगर सिथत तेरापंथ भवन में मना। साध्वी डॉ. पीयूषप्रभा के सानिध्य में जैन धर्मावलंबियों ने पांच महाव्रत अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य एवं अपरिग्रह पर का ज्ञान लिया। साध्वी ने कहा कि भगवान महावीर का ज्ञान आज भी प्रासंगिक है। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed