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मोक्षद्वार पर शवों की कतार, दो से ढाई घंटे बाद मिला नंबर, 18 शवों का हुआ अंतिम संस्कार
Thu, 15 Apr 2021 12:07 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Thu, 15 Apr 2021 12:07 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
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वाराणसी में कोरोना से मौत के बढ़ते आंकड़ों के कारण मोक्षद्वार पर भी शवों की कतार लग रही है। दो से तीन घंटे के इंतजार के बाद नंबर मिल रहा है। बुधवार को हरिश्चंद्र घाट पर 18 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें छह सामान्य व नौ कोरोना पीड़ित रहे। बुधवार को रात 10 बजे तक कुल 18 शव पहुंचे थे।
जिनका अंतिम संस्कार किया गया। इसमें सामान्य मृतकों की संख्या 8 और कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 रही। इसमें वाराणसी के 5, भदोही के एक, मिर्जापुर , अयोध्या, बलिया और मऊ के एक-एक कोरोना पीड़ितों का शव था। सामान्यत: एक शव को जलाने में डेढ़ घंटे का समय लगा रहा है।
इसके बाद शवदाह गृज को सैनिटाइज करके, साफ-सफाई करने में 15 मिनट का समय लगा रहा है। इसके बाद दूसरे शव का नंबर आता है। एक शव जलाने के लिए पांच सौ रुपये गैस का मूल्य लिया जाता है। टोकन देकर शवों को जलाया जा रहा है।ऐसे में दो से ढाई घंटे के इंतजार के बाद एक शव का नंबर लग रहा था। शवदाह गृह प्रभारी अधिशासी अभियंता अजय राम ने बताया कि दो शवदाह गृहों में अंतिम संस्कार किया गया।
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मणिकर्णिका घाट पर भी लग रही कतार
मणिकर्णिका घाट पर भी शवदाह के लिए लंबी कतार लग रही है। हालांकि कोरोना संक्रमितों के शव हरिश्चंद्र घाट पर ही जलाए जा रहे हैं। मणिकर्णिका घाट पर पूर्वांचल समेत आसपास के राज्यों से भी लोग शवदाह के लिए आते हैं।
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जिनका अंतिम संस्कार किया गया। इसमें सामान्य मृतकों की संख्या 8 और कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 रही। इसमें वाराणसी के 5, भदोही के एक, मिर्जापुर , अयोध्या, बलिया और मऊ के एक-एक कोरोना पीड़ितों का शव था। सामान्यत: एक शव को जलाने में डेढ़ घंटे का समय लगा रहा है।
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इसके बाद शवदाह गृज को सैनिटाइज करके, साफ-सफाई करने में 15 मिनट का समय लगा रहा है। इसके बाद दूसरे शव का नंबर आता है। एक शव जलाने के लिए पांच सौ रुपये गैस का मूल्य लिया जाता है। टोकन देकर शवों को जलाया जा रहा है।ऐसे में दो से ढाई घंटे के इंतजार के बाद एक शव का नंबर लग रहा था। शवदाह गृह प्रभारी अधिशासी अभियंता अजय राम ने बताया कि दो शवदाह गृहों में अंतिम संस्कार किया गया।
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मणिकर्णिका घाट पर भी लग रही कतार
मणिकर्णिका घाट पर भी शवदाह के लिए लंबी कतार लग रही है। हालांकि कोरोना संक्रमितों के शव हरिश्चंद्र घाट पर ही जलाए जा रहे हैं। मणिकर्णिका घाट पर पूर्वांचल समेत आसपास के राज्यों से भी लोग शवदाह के लिए आते हैं।