UP News: फरसे से सिर धड़ से अलग करने वाले को उम्रकैद, 26 साल पुराने मामले में साड़ी कारोबारी दोषमुक्त
Varanasi News: वाराणसी जिले में फरसे से सिर धड़ से अलग करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा मिली। वहीं एक अन्य 26 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में साड़ी कारोबारी को दोषमुक्त किया गया।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने हत्या के मामले में आरोपी सीताराम पासवान को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, बसंतपुर, बक्सर निवासी राजकिशोर पासवान ने 2 अप्रैल 2019 को चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया गया कि घटना वाले दिन सुबह करीब नौ बजे वह अपने भाई नंदकिशोर के साथ ग्राम मढ़नी, चौबेपुर स्थित ईंट-भट्ठे पर ईंट पाथने का काम कर रहा था।
उसी भट्ठे पर आरोपी सीताराम पासवान भी काम करता था। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि गुस्से में आकर सीताराम पासवान ने फरसे से नंदकिशोर की गर्दन पर वार किया, जिससे उसकी गर्दन धड़ से अलग हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।
मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की और एक दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
26 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में साड़ी कारोबारी दोषमुक्त
बैंक से धोखाधड़ी कर रुपये निकालने के 26 वर्ष पुराने मामले में आरोपित साड़ी कारोबारी को अदालत से राहत मिली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (तृतीय) अजय प्रताप की अदालत ने सिगरा के लाहौरी टोला निवासी राजकुमार कपूर को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक (लेखा एवं प्रशासन) राम शरण श्रीवास्तव ने 10 मार्च 2000 को दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप था कि राज सिल्क इंडस्ट्रीज के पार्टनर राजकुमार कपूर और जयनाथ मिश्रा ने बिहार की परवलपुर शाखा से चोरी हुए कोरे बैंक ड्राफ्ट का उपयोग कर बैंक ऑफ बड़ौदा, गोदौलिया शाखा में जमा कर लगभग 66,550 रुपये की धोखाधड़ी की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोप सिद्ध न होने पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
दहेज हत्या में पति, सास-ससुर को 14-14 साल की सजा
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री सुनीता का विवाह लगभग तीन वर्ष पूर्व बरजी थाना, फूलपुर निवासी राहुल के साथ हुआ था। विवाह के कुछ ही दिन बाद से ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग करने लगे और सुनीता के साथ मारपीट भी शुरू कर दी। घटना से करीब छह माह पहले पंचायत भी हुई थी, जिसमें ससुराल पक्ष ने प्रताड़ित न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा।
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20 नवंबर 2020 को सुबह करीब सात बजे राहुल ने अपने पिता को फोन कर सूचना दी कि सुनीता की मौत हो गई है और फांसी लगाने की बात कही। वादी ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष ने उसकी पुत्री की हत्या की। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना कर तीनों आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।