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Varanasi News: पानी के 6 प्लांटों के लाइसेंस निलंबित, 5 को नोटिस

Thu, 05 Feb 2026 01:46 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:46 AM IST
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Licenses of 6 water plants suspended, notices issued to 5
वाराणसी। बोतल बंद पानी में लगातार कमी की शिकायत पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। जिले के 33 पानी के फर्मों में से पांच के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। जबकि पांच को नोटिस दिए गए हैं और 19 नमूने लखनऊ लैब में भेजे गए हैं। निलंबित व नोटिस वाले फर्मों से 14 दिन में जवाब मांगा गया है।
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वहीं, 14 फर्म पहले से ही बंद हैं। बोतलबंद पानी का चलन तेजी से बढ़ा है। लगातार फर्मों की संख्या भी बढ़ी है। मगर, कई फर्मों के मानक पूरा न करने के चलते गड़बड़ियों की शिकायत आ रही है। खाद्य विभाग लखनऊ के निर्देश पर अंतर जनपदीय टीम ने फर्मों की जांच की। सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि 19 फर्मों की जांच में छह में ज्यादा गड़बड़ी पाई गईं। उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। जबकि पांच को मानक में सुधार के लिए नोटिस दिए गए हैं। 19 फर्मों से पानी के नमूने भी लिए गए हैं। जांच के लिए लखनऊ लैब में भेजा गया है। निलंबित फर्मों में काम बंद करवाया गया है। मानक पूरा होने के बाद ही चालू होंगे। बताया कि निलंबित फर्में मानक का पालन नहीं करती हैं तो उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। नमूने में गड़बड़ी मिलती है तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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ये हैं निलंबित फर्म
एआर एसोसिएट, भाग्यश्री इंटर प्राइजेज, अशोका वाटर, अथरवा एसोसिएट, जय मिनरल इंडस्ट्रीज, साईं नीर है। इन फर्मों के बोतल फूड ग्रेड के मानक पर न होना, पानी की टंकी व पाइपलाइन की सफाई न होने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की आपूर्ति के बैच का डाटा और सफाई न होने आदि कमियां पाई गई हैं। जबकि आरडी एंड संस, मेसर्स क्लीनर सी, बीडी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, कुबेर इंडस्ट्रीज, शिव इंटरप्राइजेज को नोटिस दिया गया है।
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6 महीने जेल और 10 लाख का जुर्माना
निलंबित फर्मों के मानक दोबारा न पूरे होने पर लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे, नमूने जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर मुकदमा चलाने और फैसले के आधार पर संचालक पर पांच से 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। छह महीने जेल की कार्रवाई की जाएगी।

ये हैं 16 प्वाइंट
बोतल व एक्कन के फूड ग्रेड के होने, परा बैंगनी व ओजोनीकरण यंत्र का लगा होना, बोतल की धुलाई के लिए स्वच्छ पानी का प्रयोग, पानी के बैक्टरिया की जांच लैब में होने, पानी की जांच रिपोर्ट तैयार करने, पानी की आपूर्ति के बैच नंबर का डेटा तैयार करने, कर्मचारियों के हैड कवर, मास्क, हैंड ग्लब्स का होना, उनकी एक साल के अंदर की सेहत की जांच का प्रमाणपत्र होना, सफाई, पानी टंकी व पाइपलाइन की सफाई होने, लेबलिंग व डिस्प्ले विनियम नियमों का पालन शामिल है।
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