वाराणसी: अस्सी घाट पर एक लाइब्रेरी ऐसी जहां मिलती हैं किताबें और पौधे
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आज के व्यस्ततम दौर में जब युवा अपने करियर बनाने की उधेड़बुन में उलझे रहते हैं। ऐसे में जरूरतमंद बच्चों और पर्यावरण दोनों की दशा बदलने के लिए पहल करने की सोचना ही बड़ी बात है। लेकिन काशी के कुछ युवाओं ने ऐसा कर दिखाया है। दरअसल, अस्सी घाट के किनारे कुछ छात्रों ने पांच महीने पहले एक ऐसी लाइब्रेरी शुरू की है। जिसमें जरूरतमंद बच्चों के पढ़ने के लिए किताबें हैं। जहां कोई भी किताबें दान कर सकता है।
इतना ही नहीं छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ट्री लाइब्रेरी भी बनाई है। जिसमें वो संदेशों के माध्यम से लोगों को पौधे लगाने के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। हालांकि छोटी सी लाइब्रेरी में महज अभी 20-25 किताबें और पौधे हैं। लेकिन इनके बड़े और नेक इरादे जरूरतमंदों और पर्यावरण की दशा और दिशा बदलने के लिए काफी हैं।
लाइब्रेरी शुरू करने वाले युवा गरिमा यादव, श्रेयशी मुंशी, मोहित कुमार, रमन, उत्कर्ष पांडेय, अनुराग दुबे, बलजीत सिंह, समीर, सुमित जायसवाल, गौरव चौरसिया, सुमित बिंद व आकाश बिंद में से कोई परास्नातक तो कोई स्नातक का छात्र है।
निशुल्क ले जाइये पौधे, अवसरों पर करें पौधों का दान
लगातार बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ते पर्यावरण को देखते हुए 28 अक्तूबर को इन छात्रों ने ट्री लाइब्रेरी की स्थापना की। जहां विभिन्न तरह के आउटडोर प्लांट रखें गए है। जिन्हें भी इन पौधों की जरूरत होती है वो ये पौधे निशुल्क ले जा सकता है।
साथ ही अगर आप घर के किसी सदस्य के जन्मदिन या शादी की सालगिरह पर पौधे दान करना चाहते है तो यहां आकर दान कर सकते है। इन छात्रों के गुट के इस नेक काम में मदद के लिए कई संस्थाएं भी आगे आई हैं, जो पुरानी किताबों को दान के रूप में देती है।
क्या कहते हैं छात्र
हेल्पिंग वर्ब फाउंडेशन के इन छात्रों ने बताया कि उनका उद्देश्य ऐसे लोग किताबों के नजदीक लाने की है जो किसी कारण से उनसे दूर हैं। जितना वक्त हम सोशल मीडिया और टिक टॉक पर बिताते हैं, इस समय का प्रयोग हम अपने पर्यावरण को सुधारने में करें तो हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा ये छात्र पांच और लाइब्रेरी खोलना चाहते हैं, जिससे लोगों हम किताबों की पहुंच दूर-दूर तक पहुंचा सके।