Leopard Terror: 25 हजार की आबादी में दहशत, तेंदुए के डर से 55 बीघे में खराब हो रही फसल; पांच लाख का नुकसान
Leopard News: वाराणसी के चिरईगांव में तेंदुए ने कहर ढहा रखा है। उसने अब तक चार लोगों को घायल किया है। वहीं, वन विभाग और पुलिस की टीम उसकी धरपकड़ में गांव में काॅबिंग कर रही है।
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Leopard Terror in Varanasi: आधा दर्जन गांव में पिछले छह दिनों से तेंदुए की दहशत बनी हुई है। 25 हजार आबादी ने खेतों की ओर रुख करना छोड़ दिया है। 55 बीघे की खेतों में खड़ी फसल और फूलों की खेती बर्बाद हो रही है।
फूल, फलसा और सब्जी की बिक्री न होने से किसानों को छह दिन में पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों लाठी-डंडे लेकर घरों के बाहर पहरा दे रहे है। ठेले पर सब्जी बेचने वालों का धंधा मंदा पड़ गया है। पहले रोज दस से बारह सब्जी विक्रेता आते थे, वहीं अब डर के मारे सिर्फ चार से पांच आ रहे हैं।
ग्रामीणों को ताजी सब्जियां मिलने में भी परेशानी हो रही है। गांवों में रात के समय लोग अपने घरों के बाहर लाठी-डंडे लेकर समूह में बैठे देखे जा सकते हैं। वन विभाग लगातार गश्त कर ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने ग्रामीणों से कहा कि अगर कही भी तेंदुए दिखाई दें तो तुंरत वन विभाग को सूचना दें।
परिजनों ने इलाज में देरी का लगाया आरोप : चिरईगांव क्षेत्र में तेंदुए के हमले में घायल अमित मौर्य (28) के परिजनों ने पंडित दीनदयाल अस्पताल में इलाज देरी से मिलने का आरोप लगाया है। परिजनों ने कहा कि अस्पताल में इलाज में लापरवाही हुई, जिससे मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ा।
बड़े भाई कृष्ण कुमार मौर्य ने बताया कि वे 23 मई को सुबह 11 बजे पंडित दीनदयाल अस्पताल पहुंचे और वहां इलाज के लिए पर्ची कटवाने के बाद कहा गया कि विशेषज्ञ डॉक्टर दो घंटे बाद आएंगे। हालांकि, दो घंटे की देरी के बाद भी इलाज शुरू नहीं हुआ। इलाज रात 10 बजे शुरू हुआ। 11 घंटे तक मरीज को इंतजार करना पड़ा। सीएमएस डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, मरीजों का इलाज समय पर शुरू कर दिया गया था।