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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Laxman Jhula will not be built till the halt from Vishwanath Corridor because of this the proposal was rejected

वाराणसी: विश्वनाथ कॉरिडोर से पड़ाव तक नहीं बनेगा लक्ष्मण झूला, इस वजह से खारिज हुआ प्रस्ताव

Sun, 10 Oct 2021 01:14 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 10 Oct 2021 01:14 AM IST
सार

ऋषिकेश की तर्ज पर गंगापार पड़ाव से काशी विश्वनाथ धाम तक करीब दो किलोमीटर लंबाई में झूला निर्माण की योजना थी। पीएमओ और शासन ने गंगा की अर्द्धचंद्राकार छवि में बाधा बनते देख इसे खारिज कर दिया है। 

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Laxman Jhula will not be built till the halt from Vishwanath Corridor because of this the proposal was rejected
काशी विश्वनाथ धाम

विस्तार

उत्तराखंड में ऋषिकेश की तर्ज पर वाराणसी में बनने वाला लक्ष्मण झूला का प्रस्ताव शासन ने खारिज कर दिया है। गंगा के अर्द्धचंद्राकार छवि में बाधा बनने के कारण पीएमओ और शासन ने झूले को प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो रामनगर में बंदरगाह बनने से यहां नियमित रूप से जलपोत व क्रूज का परिवहन जारी रहेगा, वहीं मालवाहक जलपोत के आवागमन में झूला बाधक बन सकता था।

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मणिकर्णिका व ललिता घाट के बीच गंगा की ओर से भी कॉरिडोर होते हुए विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश के लिए एक भव्य द्वार तैयार हो रहा है। वहीं जिला व मंदिर प्रशासन ने गंगा किनारे से लोगों के प्रवेश को लेकर दो वर्ष पहले लक्ष्मण झूला का प्रोजेक्ट तैयार कराया था। ऋषिकेश की तर्ज पर गंगापार पड़ाव से काशी विश्वनाथ धाम तक करीब दो किलोमीटर लंबाई में झूला निर्माण की योजना थी। पीएमओ और शासन ने गंगा की अर्द्धचंद्राकार छवि में बाधा बनते देख इसे खारिज कर दिया है। 

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इस प्रोजेक्ट के पीछे प्रशासन की मंशा थी कि गंगापार से आने वाले लोगों को मंदिर तक पहुंचने के लिए शहर के अंदर से बहुत घूमना नहीं होगा। साथ ही, झूला बनने से शहर में जाम का दबाव होगा। इसलिए गंगापार पड़ाव में अवधूत भगवान राम घाट के पास से कॉरिडोर के बीच लक्ष्मण झूला की तरह पाथ-वे बनाने का विचार आया। अवधूत घाट के पास एक बड़ा पार्किंग स्थल भी प्रस्तावित किया गया था। पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालु पैदल ही कॉरिडोर में पहुंचते।

पड़ाव से कॉरिडोर के बीच में लक्ष्मण झूला के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। शासन ने इसको अनुमति नहीं दी है। इससे काशी के घाटों की सुंदरता प्रभावित हो रही थी। - डॉ. सुनील कुमार वर्मा, सीईओ विश्वनाथ मंदिर न्यास

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