Laxman Jhula in Varanasi: बनारस में बनेगा लक्ष्मण झूला, गंगा पार रेती से जुड़ेगा काशी विश्वनाथ धाम
अब बनारस में भी ऋषिकेश की तर्ज पर लक्ष्मण झूला बनेगा। यह झूला गंगा पार रेती से श्री काशी विश्वनाथ धाम को भी जोड़ेगा। डोमरी से ललिता घाट के बीच बनने वाला यह पुल रिवर फ्रंट योजना का हिस्सा होगा।
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ऋषिकेश की तर्ज पर वाराणसी में लक्ष्मण झूला बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह झूला गंगा पार रेती से बाबा के नव्य, भव्य और दिव्य धाम को भी जोड़ेगा। प्रदेश सरकार के बजट में इसके लिए प्रस्ताव पारित होने के बाद अब सर्वे की तैयारियां शुरू हो गई हैं। डोमरी से ललिता घाट के बीच बनने वाला यह पुल रिवर फ्रंट योजना का हिस्सा होगा।
गंगा के घाट की खूबसूरती बढ़ने के साथ ही धाम आने वाले भक्तों की राह भी आसान हो जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ धाम को गंगा पार से जोड़ने के लिए पैदल पुल बनाया जाएगा। ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर बनने वाला यह पुल भक्तों को सीधे काशी विश्वनाथ धाम पहुंचाएगा। इसके लिए प्रशासन जल्द ही डीपीआर तैयार कराएगा।
इसके पहले सर्वे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्मण झूला तैयार होने के बाद यह जल परिवहन में किसी तरह की बाधा नहीं बनेगा। खास बात यह है कि काशी में बनने वाले इस लक्ष्मण झूले में पिलर की संख्या कम रखी जाएगी। यात्री डोमरी पार से आसानी से पैदल चलकर बाबा के धाम पहुंच सकेंगे।
इससे जहां बाबा विश्वनाथ के धाम आने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी, वहीं उनका समय भी बचेगा। लक्ष्मण झूला पुल के साथ ही डोमरी में दो हजार वाहनों की पार्किंग भी बनाई जाएगी। बिहार, झारखंड, कोलकाता, चंदौली और रामनगर से आने वाले श्रद्धालु सड़क मार्ग की बजाय सीधे लक्ष्मण झूला के जरिए बाबा के धाम पहुंच सकेंगे।
लोहे के तारों से बनवाया था पुल
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्मण झूले के निर्माण के लिए जल्द ही डीपीआर तैयार कराई जाएगी। इसके सर्वे की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू होगी। स्वामी विशुद्धानंद की प्रेरणा से कोलकाता के सेठ ने 1889 में ऋषिकेश में लोहे के तारों से पुल बनवाया था।
इससे पूर्व जूट की रस्सियों का ही पुल यहां पर था। लोग रस्सों के इस पुल पर लोगों को छींके में बिठाकर खींचा जाता था। लोहे के तारों से बना यह पुल 1924 की बाढ़ में बह गया था। इसके बाद मजबूत एवं आकर्षक पुल को निर्माण किया गया।