अंतिम विदाई पर नम हुईं आखें, पंचतत्व में विलीन हुए शहीद महेश कुशवाहा
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जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले में शहीद हुए गाजीपुर के महेश कुशवाहा की अंतिम विदाई पर सभी की आंखे नम हो गईं। शहीद की अंतिम विदाई देखने के लिए गांव के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले में शहीद हुए गाजीपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के जैतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ जवान महेश कुमार कुशवाहा का पार्थिव शरीर गुरुवार रात आठ बजे एयर इंडिया के विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पर लाया गया था। यहां मंत्री नीलकंठ तिवारी ने उन्हें कांधा दिया था। सीआरपीएफ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस के अधिकारियों, जवानों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया था।
शहीद महेश कुशवाहा की अंतिम विदाई पर सलामी देते हुए
गाजीपुर के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के जैतपुरा के रहने वाले महेश कुशवाहा 2010 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। शहीद के पिता गोरखनाथ कुशवाहा को बुधवार सुबह हार्ट अटैक आया था, जिन्हें शहर के रौजा स्थित एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। महेश की 4 जून 2009 में निर्मला से शादी हुई थी, इनसे दोनों के दो बच्चे एक बेटा आदित्य(6) और बेटी प्रिया(5) है। बेटा कक्षा एक में पढ़ाई करता है तो बेटी एलकेजी में पढ़ाई कर रही है। शहीद महेश कुशवाहा की पहली पोस्टिंग 2010 में छत्तीसगढ़ में हुई थी। इसके बाद उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन में हुई थी।