Varanasi News: बाबतपुर में बनेगा सिडनी जैसा एयरपोर्ट, 12 गांव से ली जाएंगी जमीन, कवायद शुरू
शासन से मंजूरी के बाद इसी साल से शुरू हो सकती है जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया, जिला प्रशासन भी तैयारी में जुटा।
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विकास की तेज रफ्तार से बढ़ रहे वाराणसी के बाबतपुर स्थितलालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 12 गांवों से जमीन ली जाएंगी। शासन स्तर पर शुरू हुई कवायद के बाद अब जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर तैयारियों में जुट गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद एयरपोर्ट के आसपास गांवों में सर्वे शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि इसी साल से यह प्रक्रिया होगी।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तीन चरणों में विस्तारीकरण की योजना बनाई है। फिलहाल पहले चरण के लिए करीब 250 एकड़ जमीन की जरूरत है और पूरी योजना को धरातल पर उतारने के लिए करीब 700 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रशासनिक मशीनरी की मानें तो बाबतपुर एयरपोर्ट को सिडनी एयरपोर्ट की तरह विकसित किया जाना है।
एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से अब नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। एयरपोर्ट परिसर के आसपास के गांव कर्मी, धमलपुर, सरायतक्की, बाबतपुर, घमहापुर, सुगनहां, रघुनाथपुर, पुअरा, सिसवा, रामपुर, बसनी और पठकान को पहले चिह्नित किया गया है।
2015 में बनी थी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना
उधर, शासन से विस्तारीकरण की तैयारियों के संकेत मिलने के बाद प्रशासन पिंडरा तहसील के इन गांवों का ब्यौरा भी निकाल रहा है। दरअसल, वर्ष 2015 में ही एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना बनाई गई थी, मगर तकनीकी कारणों से इस योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा सका था। इसके लिए नई एयर टर्मिनल बिल्डिंग सहित कई निर्माण की योजना है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए जमीन का सर्वे पहले कराया गया था। शासन का निर्देश मिलता है तो नए सिरे से सर्वे कराकर आगे की कार्यवाही कराई जाएगी। इसके लिए गांवों को चिह्नित किया गया है।
रनवे के नीचे से निकलेगा देश का पहला टनल
एयरपोर्ट विस्तारीकरण में रनवे की लंबाई बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भी है, मगर एयरपोर्ट के पास से गुजर रहे नेशनल हाईवे के चलते भी यह काम धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। मगर, एनएचआईए ने रनवे के नीचे से टनल बनाकर हाईवे निकालने की योजना बनाई है। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से इस योजना को कई मंत्रालयों की मंजूरी की दरकार है। यदि इस टनल को बनाने की मंजूरी मिलेगी तो यह देश का पहला ऐसा रनवे होगा, जिसके नीचे से टनल होगी।