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काशी के विकास में लालजी टंडन ने निभाई है अहम भूमिका

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2020 01:03 AM IST
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वाराणसी। पूर्व राज्यपाल एवं भाजपा के दिग्गज नेता लालजी टंडन काशी को विकसित शहर के रूप में देखना चाहते थे। नयी काशी जैसी तमाम योजनाओं पर उन्होंने अपने मंत्रित्व काल में गहन मंथन किया था। नगर की सीवर समस्या से निजात के लिए उनके समय में ही प्रभावी कार्य योजना बनी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से सांसद बनते ही उन योजनाओं ने मूर्त रूप लेना शुरू किया।
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लालजी टंडन अपने निर्णय पर दृढ़ रहने वाले ऐसे राजनेता थे, जो सहज तरीके से जनहित के काम करा लेते थे। काशी के एक-एक कार्यकर्ताओं से उनका सीधा संवाद था। सभी के सुख-दुख की चिंता में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो जाते थे। नगर विकास एवं आवास मंत्री होते हुए तीन दिन तक काशी प्रवास कर यहां के विकास का खाका तैयार कराया था। नगर में जगह-जगह बने अपशिष्ट गृह टंडन जी के मंत्रित्व काल में ही बने थे।

पावरलूम पर लगे टैक्स को हटवाने में निभाया था अहम रोल
पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन के निधन के कारण काशी के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। दरअसल, उनके पुत्र और नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन वाराणसी के प्रभारी मंत्री हैं। ऐसे में लालजी टंडन से काशी का जुड़ाव था। एमएलसी अशोक धवन बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में पावरलूम पर टैक्स लगाया गया था। तत्कालीन कपड़ा मंत्री काशीराम राणा ने प्रयास तो किया मगर, टैक्स हटा नहीं। वाराणसी का प्रतिनिधिमंडल लालजी टंडन के पास पहुंचा तो उन्होंने प्रधानमंत्री का समय लिया। इसके बाद हमारे साथ वे पीएम कार्यालय गए और हमारी मांग को पूरी कराई। इसमें आठ पावरलूम वाले कारखानों को टैक्स से मुक्त कर दिया गया। इससे वाराणसी सहित पूर्वांचल के हजारों लोगों को राहत मिली थी। काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वाराणसी के पत्रकारपुरम में पत्रकारों को बहुत कम मूल्य पर प्लाट मिले तो वह लालजी टंडन की ही देन है। आधुनिक काशी की परिकल्पना उन्होंने तैयार की थी। नगर विकास मंत्री रहने के दौरान उन्होंने बनारस के विकास के लिए काफी प्रयास किया था।
भाजपाइयों ने गहरा शोक जताया
लालजी टंडन के निधन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं के प्रिय बाबू जी अब उनके बीच नहीं रहे थे। पार्टी के काशी क्षेत्र मुख्यालय पर शोक में पार्टी का झंडा झुका और सारी संगठनात्मक गतिविधियां थम गई। काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि उनसे हर कदम पर नया सीखने को मिलता रहा है। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री रत्नाकर ने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता की भलाई के लिए काम किया। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. नीलकंठ तिवारी और रविंद्र जायसवाल ने भी उनके निधन पर संवेदना प्रकट की। प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, अशोक चौरसिया, नवरतन राठी, नवीन कपूर, पवन चौबे ने शोक व्यक्त किया। उधर, भाजपा नेता प्रकाश शुक्ल के विंध्यवासिनी नगर आवास पर शोक सभा का आयोजन हुआ। इस दौरान विनोद पांडेय, सोमनाथ विश्वकर्मा, श्री राम अधीन सिंह सहित लोग मौजूद रहे।

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