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कुंभाभिषेक: चेन्नई के कुमकुम से होगी पूर्णाहुति, महानुष्ठान के लिए काशी तैयार; मंदिर पहुंचे 1100 वैदिकनल
Sun, 09 Feb 2025 02:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 09 Feb 2025 02:11 PM IST
सार
काशी के अन्नपूर्णा मंदिर में चल रहे इस महानुष्ठान में विभिन्न प्रांतों से भी भक्तों का जुटान हो रहा है। विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर वे मां अन्नपूर्णा से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
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वाराणसी में अन्नपूर्णा मंदिर में चल रहा कुमकुमार्चन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्री अन्नपूर्णा मंदिर के कुंभाभिषेक के महानुष्ठान की रविवार को पूर्णाहुति होगी। नौदिवसीय विविध अनुष्ठानों के साथ चल रहे कुमकुमार्चन का समापन होगा। विभिन्न प्रांतों से आए 1100 से अधिक वैदिकनल अनुष्ठान कर रहे हैं।
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शनिवार को भी 75 वैदिक विद्वान मंत्रोच्चार के साथ मां को प्रसन्न करने के लिए कुमकुमार्चन किया। वहीं, शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य के सानिध्य में केदारघाट पर चल रहे महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति हुई।
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अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी ने बताया कि शंकराचार्य विधुशेखर भारती के सानिध्य में एक फरवरी से कुंभाभिषेक चल रहा है। वैदिक विद्वानों ने शनिवार को कुमकुमार्चन किया। रविवार को सुबह चेन्नई से आए कुमकुम से सविधि पूजन अर्चन के साथ पूर्णाहुति होगी। हवन पूजन होगा। 150 से अधिक वैदिक ब्राह्मणों को भोज करवाया जाएगा।
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वसंतोत्सव काव्यांजलि में निराला को किया याद
प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही तत्वावधान में साहित्यिक संध्या कार्यक्रम में वसंतोत्सव काव्यांजलि हुई। शुरुआत मां वीणापाणि की वंदना से हुई। कवियों का सम्मान संग्रहालय अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव और संस्था संरक्षक प्रो.श्रद्धानंद ने किया।
इसमें डॉ. मंजरी पांडेय, डाॅ. शरद श्रीवास्तव, संतोष कुमार, आनंद कृष्ण माशुम, कुमार महेंद्र ने वसंत पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत की। कवियों ने महान साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला को भी याद किया। दूसरा चरण 5 बजे शुरू हुआ। इसमें समिति और हिंदी परिवार की ओर से श्रोता संवाद हुआ। यह विशेष कार्यक्रम समिति के कार्यवाहक प्रधानमंत्री घनश्याम यादव की अध्यक्षता में हुआ।