छितौना गांव का जातीय विवाद: क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्कामुक्की, एसीपी का बैज नोचा
Varanasi News: जिले के छितौना में दो पक्षों के बीच संघर्ष का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले को लेकर एक बार फिर हाईवे पर जमकर प्रदर्शन किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी जिले के छितौना गांव में धरना-प्रदर्शन पर रोक के बाद भी क्षत्रिय महासभा और करणी सेना के 200 कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को हंगामा किया। गांव तक जाने से रोकने का विरोध किया और वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर चिरईगांव ब्लाॅक के ठीक सामने संदहा में 25 मिनट तक जाम लगाए रखा। कार्यकर्ता सड़क पर बैठे और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, महासचिव अरविंद राजभर के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। वाहनों का आना-जाना बंद रहा।
आरोप है कि कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। प्रदर्शन में शामिल किसी व्यक्ति ने एसीपी दशाश्वमेध की वर्दी का बैज भी नोच लिया लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संदहा चौराहे से आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया।
छितौना गांव निवासी और भाजपा के बूथ अध्यक्ष संजय सिंह व भोला राजभर के बीच गत पांच जुलाई को विवाद हुआ था। मारपीट में दोनों पक्ष के लोगों को गंभीर चोट आई थी। धीरे-धीरे मामले ने जातीय विवाद का रूप ले लिया। भोला राजभर की तरफ से पहले यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने पैरवी की, फिर मामले में संजय की तरफ से करणी सेना और क्षत्रिय महासभा के लोग कूद पड़े। इसी बीच सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर छितौना गांव पहुंचे और भोला के समर्थन में नारेबाजी की। इससे मामला और बिगड़ गया। मामले में करणी सेना और क्षत्रिय महासभा ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसे भी पढ़ें; Ballia News: यूपी के इस मंत्री को गोली मारने की मिली धमकी, करणी सेना के जिलाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज
जानकारी के मुताबिक क्षत्रिय महासभा के प्रदेश संरक्षक हरिशंकर सिंह मुन्ना की अगुवाई में कार्यकर्ता मंगलवार की दोपहर 12 बजे संदहा पहुंचे और दोपहर 12.25 तक ने जाम लगाकर धरना दिया। हरिशंकर ने कहा कि समाज के खिलाफ किसी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संजय व उनके साथ पूरा समाज खड़ा है। जिला और पुलिस प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर मामले में प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
डीएम और अपर पुलिस आयुक्त भी पहुंचे, चार थानों की पुलिस ने प्रदर्शकारियों को संदहा में ही रोका
प्रदर्शन की सूचना पाकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) शिवहरी मीणा भी पहुंच गए। चार थानों की पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों को संदहा में ही रोके रखा गया। कोई भी छितौना गांव तक नहीं पहुंच सका। चौबेपुर, लक्सा, लालपुर-पांडेयपुर और कपसेठी थाने की पुलिस ने भी सख्ती बनाए रखी। तनाव को देखते हुए सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स, आरएएफ, पीएसी भी बुलाई गई। भगतुआ, बलुआ, जाल्हपुर, शंकरपुर रिंगरोड, संदहा सहित प्रमुख मार्गों की तरफ किसी को नहीं जाने दिया गया। लगा कि पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील कर दिया गया। राजवारी टोल प्लाजा, बलुआघाट, जाल्हूपुर, संदहां में लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी की जा रही है।
चिरईगांव के ब्लाक प्रमुख हाउस अरेस्ट
कैथी टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच, राकेश सिंह को चोलापुर थाने पर बैठाया
क्षत्रिय महासभा के प्रदर्शन को देखते हुए कैथी टोल प्लाजा पर वाहनों को रोका गया। तलाशी भी ली गई।क्षत्रिय महासभा गाजीपुर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह को चोलापुर थाने पर बैठाया गया। मंगलवार की देर शाम निजी मुचलके पर छोड़ा गया। इसी तरह कई वाहनों को पुलिस ने जहां तहां रोका। कैथी टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रवीण कौशिक ने बताया कि चेकिंग अभियान के चलते कई वाहन चालक पुलिस को देखकर दूसरे रास्तों से चले गए। इससे एनएचएआई को राजस्व का नुकसान भी हुआ।
गुड़िया बॉर्डर पर चार घंटे चेकिंग
अब तक क्या-क्या हुआ
- पांच जुलाई को भाजपा के बूथ अध्यक्ष संजय सिंह और गांव के भोला राजभर के बीच विवाद हुआ था। घटना के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मौके पर पहुंचे और छोटू राजभर की तरफ से पैरवी की। मामले में संजय सिंह व उनके परिजनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
- सात जुलाई को करणी सेना और क्षत्रिय महासभा से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। मामले में कई भाजपा नेता भी कूदे। चिरईगांव के ब्लाक प्रमुख सहित कई नेताओं ने यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के खिलाफ नारेबाजी की।
- आठ जुलाई को पुलिस ने दूसरे पक्ष के भोला राजभर सहित छह नामजद व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- 10 जुलाई को भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल सहित अन्य नेताओं ने अस्पताल जाकर संजय सिंह का हाल जाना।
- 13 जुलाई को सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और भोला राजभर के समर्थन में प्रदर्शन किया।
- 14 जुलाई को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक की। साथ ही छितौना गांव में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दिया। इसके बावजूद क्षत्रिय महासभा के लोगों ने मंगलवार यानी 15 जुलाई को प्रदर्शन किया।
क्या बोले अधिकारी
पुलिस की सतर्कता के चलते बाहरी जनपदों से आने वाले समर्थकों को कमिश्नरेट में प्रवेश नहीं होने दिया गया। एहतियातन सभी मार्गों पर पुलिस समेत आरएएफ, पीएसी की तैनाती है। छितौना के ग्रामीण भी पुलिस के सहयोग में है। बाहरी लोगों पर विशेष निगरानी की जा रही है। -प्रमोद कुमार, डीसीपी वरूणा जोन