जानें कब से बजेगी शहनाई, विवाह के लिए शुभ मुहूर्त होगा शुरू
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खरमास बीतने के बाद भी लगन की शहनाई पर रोक लगी हुई है। शुक्र और गुरु के अस्त होने के कारण अप्रैल से विवाह मुहूर्त आरंभ होंगे। बात करें ग्रहों की गणना की तो 24 अप्रैल से शहनाई बजेगी। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि इस साल विवाह के लिए शुद्ध, अशुद्ध और अति आवश्यक मुहूर्त की तारीखें मिल रही हैं। शुद्ध समय की बात करें तो चैत्र शुक्ल अष्टमी 20 अप्रैल से आषाढ़ शुक्ल पंचमी 15 जुलाई, कार्तिक शुक्ल एकादशी 15 नवंबर से मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी 14 दिसंबर तक है।
शुभ विवाह के मुहूर्त
अप्रैल- 24, 25, 26, 27 व 30 मई
मई- 7, 8, 9, 14, 15, 21, 22, 24, 26 व 30।
जून- 3, 5, 19, 20, 26, 30
जुलाई- 12, 15
नवंबर- 16, 19, 20, 21, 28, 29 व 30 ।
दिसंबर- 1, 2, 7, 11, 12, 13।
आवश्यकता की स्थिति में विवाह मुहूर्त
अप्रैल- 22, 23, 25, 28 व 29
मई- 13, 19, 20, 24, 25, 27, 28, 29,
जून- 4, 5, 9, 10, 11, 15, 16, 20, 21, 22 व 23
जुलाई- 6 ,7 ,12 व 13।
नवंबर- 26, 27 व 29।
दिसंबर- 3, 4, 5, 7, 12
ज्योतिषाचार्य विमल जैन के अनुसार, ज्योतिष गणना के मुताबिक 2021 में अशुद्ध मुहूर्त भी हैं। पौष शुक्ल द्वितीया एक जनवरी से चैत्र शुक्ल सप्तमी 19 अप्रैल तक गुरु-शुक्र अस्त हैं। होलाष्टक व खरमास के कारण समय अशुद्ध रहेगा। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल षष्ठी 16 जुलाई से कार्तिक शुक्ल दशमी 13 नवंबर तक हरिशयन के कारण समय अशुद्ध रहेगा। इसके कारण वैवाहिक मुहूर्त नहीं बनते। मार्ग शीर्ष शुक्ल द्वादशी 15 दिसंबर से पौष शुक्ल द्वादशी 14 जनवरी तक खरमास के कारण समय अशुद्ध रहेगा।
सूर्य और बृहस्पति का ग्रह बल देखना जरूरी
नारद पुराण के अनुसार, वैवाहिक मुहूर्त की गणना में वर-वधू की जन्म कुंडली में उपस्थित ग्रहों के विचार एवं वर के सूर्य ग्रह और कन्या के बृहस्पति ग्रह का बल देखना नितांत आवश्यक होता है। शुभ विवाह के लिए कन्या की आयु सम में 20, 22, 24 आदि तथा वर की आयु विषम वर्षों में जैसे 21, 23 होनी चाहिए। आवश्यकता परिस्थिति में विधि विधान से पूजा और दान आदि से विवाह करना शुभ फलदायी माना गया है।