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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से शहर में आए आर्थिक बदलाव का अध्ययन शुरू, टीम ने नाव संचालकों से जानी हकीकत

Sat, 28 May 2022 04:23 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 28 May 2022 04:23 PM IST
सार

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से काशी में आए आर्थिक बदलाव का अध्ययन (सर्वे) शुक्रवार से शुरू हुआ। प्रथम चरण में पहले दिन शोधकर्ताओं की टीम ने नाव संचालकों से उनके आर्थिक हालात पर प्रभाव को जाना। 

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Know the reality of economic change from boat operators
काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से काशी में आए आर्थिक बदलाव का अध्ययन (सर्वे) शुक्रवार से शुरू हुआ। प्रथम चरण में पहले दिन शोधकर्ताओं की टीम ने नाव संचालकों से उनके आर्थिक हालात पर प्रभाव को जाना। टीम ने नाविकों से कॉरिडोर बनने के पूर्व एवं बाद की स्थिति के दौरान के प्रश्न पूछे।

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वर्तमान में उनकी आय पर क्या प्रभाव पड़ा, इसके बारे में भी जाना। डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा शुरू ‘एनलाइजिंग इकोनॉमिक इंपैक्ट ऑफ रीजुविनेशन ऑफ काशी विश्वनाथ कॉरिडोर’ विषय पर शोध कार्य का नेतृत्व स्वयं प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह कर रहे हैं।

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नाविकों की आय में 60 से 70 फीसदी का इजाफा

पहले दिन के सर्वे के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि नाविकों के आर्थिक हालात पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, उनकी आय में 60 से 70 फीसदी का इजाफा हुआ है। दो दर्जन से अधिक नाव मालिक, नौका चालक, मजदूरों से बातचीत कर उनका मंतव्य समझा गया। हालांकि, अभी उनकी कुछ अपेक्षाएं भी हैं, जिसके लिए वह सरकार से सहयोग की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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डॉ. सत्यदेव सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस संदर्भ में डीएवी कॉलेज से काफी अपेक्षा की है, जिसे हम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से पूर्ण करेंगे। कहा कि नाविकों से जो उत्तर प्राप्त हुआ है वह काफी उत्साहजनक है। इससे सर्वेक्षण करने वाला दल भी काफी उत्साह में है। शोध कार्य में अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. पीके सेन, डॉ. पारूल जैन, डॉ. सिद्धार्थ सिंह शामिल है। वहीं दो शोधार्थियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।

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