फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   kheti

प्याज किसानों पर दोहरी मार, उत्पादन घटा, भाव भी धड़ाम

Fri, 12 Jun 2020 01:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2020 01:12 AM IST
विज्ञापन
kheti
कछवारोड/ चिरईगांव/ राजातालाब। प्याज किसानों को इस बार दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। मौसम प्रतिकूल रहने से प्याज के उत्पादन पर असर पड़ा। इसके साथ ही लॉकडाउन होने से भाव भी गिर गया। इससे प्याज की खेती करने वालों में मायूसी छाई है। उनका कहना है कि यही हाल रहा तो बैंक का का कर्ज नहीं भर पाएंगे। घर-गृहस्थी चलाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन

लॉकडाउन होने से बाहर सब्जियां नहीं जा पाने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। प्याज की खेती करने वाले भी इसकी जद आ गए। पिछले साल इस मौसम में किसानों की प्याज मंडी में जहां 20 से 25 रुपये में बिकती थी, वहीं इस बार 5 से 7 रुपये में बिकी। हालांकि लॉकडाउन खत्म होने पर कीमत 10 रुपये तक आ गई है। लेकिन इस भाव में भी प्याज बेचने पर किसानों की लागत नहीं निकल पा रही है। उद्यान विभाग के आंकड़े के अनुसार इस बार जिले में 600 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 15000 मेट्रिक टन प्याज की उपज हुई है।
विज्ञापन

केस -1
प्याज से उम्मीद टूटी, लागत भी नहीं निकली
सेवापुरी ब्लाक के पूरे गांव निवासी किसान गुलाब लाल मौर्य का कहना है कि पांच बिस्वा में प्याज की खेती की थी। इसमें लगभग सात हजार पांच सौ रुपये लागत लग गई। परिवार के लोग मेहनत भी किए। खेत में कुल प्याज लगभग सात क्विंटल पैदा हुई। करोना महामारी के चलते सब्जी मंडी में भाव कगर गया। 7 से 5 रुपये प्रति किलो बेचना पड़ा। इससे लागत भी नहीं निकल सकी। पिछले साज जैसा बाजार होता तो 20 से 25 हजार रुपये निकल आता। प्याज ऐसी फसल है कि रोक भी नहीं सकते। घर पर रखने से सड़ने लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-2
मौसम और मंडी दोनों ने नहीं दिया साथ
चिरईगांव क्षेत्र के खरगीपुर के प्याज उत्पादक किसान देवराज ने आठ विस्वा में प्याज की खेती की थी। इनका कहना है कि प्याज की फसल प्रतिकूल मौसम से रोग ग्रसित हो गई। उम्मीद थी 25 से 30 क्विंटल उत्पादन होगा लेकिन चार क्विंटल ही पैदा हुआ। इस रेट में बेचने पर खाद और बीज का पैसा नहीं निकल सकता। अब आगे खेती करने के लिए बैंक से उधार लेना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल प्याज की खेती अच्छा फायदा हो गया था। इसे देखते हुए किसानों ने प्याज की खेती की ओर रुख किया था। लेकिन इस बार उम्मीद पर पानी फिर गया।
केस-3
केस-3
किसी तरह लागत निकली, फायदा नही हुआ
राजातालाब। पनियरा गांव के किसान अनिल सिंह ने 15 बिस्वा में प्याज की खेती की थी। इसमें 16 क्विंटल प्याज पैदा हुई। उनका कहना था कि प्याज का बीज 650 प्रति किलो खरीदा था। कुल 2 किलो बीज लगे थे। 13 मजदूर लगाकर रोपाई कराई। 10 मजदूर लगाकर निराई गुड़ाई में लगे रहे। छह बार सिंचाई करनी पड़ी। मौसम अनुकूल होने के कारण उत्पादन ठीक रहा। लेकिन इस बार कीमत नहीं मिली। अगैती फसल होने के बावजूद 10 प्रति किलो की दर से प्याज बेचना पड़ा था। किसी तरह लागत निकल पाई लेकिन फायदा नहीं मिल पाया।
इनसेट--------
जिले में केवल दो भंडारण गृह, किसान कहां रखें उपज
किसानों को प्याज की फसल पैदा होते ही बेचना मजबूरी है। कारण कि भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं है। फसल उत्पादन के समय भाव कम होता है, वहीं बाद में भाव बढ़ जाता है। 10 दिनों पहले मंडियों में प्याज की कीमतों में काफी गिरावट आई थी। इस दौरान 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज की बिकी। हालांकि कुछ सुधार हुआ है। जिसमें 1000 से 1200 रुपये के प्रति क्विंटल की दर से अब भाव हो गया है। जिले में 25 टन क्षमता के दो प्याज भंडारण गृह हैं। जिसमें एक हरहुआ ब्लाक के गोपापुर में और दूसरा सेवापुरी के ठठरा में स्थित है।
---------
सब्जी मंडी राजातालाब में मिर्जापुर और सोनभद्र से आती है प्याज
राजातालाब। प्याज के सीजन में वाराणसी की सब्जी मंडियों में मिर्जापुर और सोनभद्र के किसानों द्वारा उत्पादित प्याज भारी मात्रा में बिक्री के लिए आती है। आढ़तियां शिव शंकर पाठक और ललित कुमार पटेल बताते हैं कि इन दोनों जनपदों से काफी प्याज सब्जी मंडी आती है। जिसे फुटकर और थोक रेट पर बेच दिया जाता है। वहीं मिर्जापुर और सोनभद्र से पिकअप पर प्याज लादकर व्यापारी गांव-गांव घूम कर बेचते है। पिछले दिनों पिकअप द्वारा गांव में घूम कर प्याज 8 रुपये प्रति किलो की दर से बेची गई।
----------
जनपद में प्याज भंडार गृह के निर्माण के लिए किसानों को बढ़ावा देने के लिए निदेशालय द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। जिसका लाभ लेने के लिए किसान उद्यान विभाग के आधिकारिक नंबर 9415262566 पर संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। 25 टन के प्याज भंडारण गृह के निर्माण में एक लाख 75 हजार की लागत पर 87 हजार 500 का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसान कचहरी स्थित जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

-संदीप कुमार गुप्त, जिला उद्यान अधिकारी
भंडार गृह बने तो किसानों को होगा फायदा
राजातालाब। किसान विद्यालय समिति के कृषि विशेषज्ञ डॉक्टर कमलेश्वर सिंह कहना है कि भंडारण व्यवस्था हो जाए तो प्याज किसानों को लाभ मिलेगा। एक दशक पहले आराजी लाइन के कई गांव में एक परियोजना के द्वारा प्याज भंडार गृह बनवाया गया था। लेकिन बाद में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। प्याज भंडार गृह किसान रैकनुमा बांस की फर्रियों से बनाते हैं। जिसमें हवा आसानी से पास हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed