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अब पूर्वांचल से जैविक उत्पादों का भी होगा निर्यात
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वाराणसी। मिर्च, मटर और आम के बाद अब टमाटर, बैगन, लौकी, सेम, भिंडी, खीरा सहित कई हरी सब्जियों को भी निर्यात करने की योजना है। इसके लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने एपीओ और निर्यातक संघ के सहयोग से खाका तैयार कर लिया है। इस सीजन में सिर्फ रासायनिक उत्पाद ही नहीं बल्कि पहली बार जैविक उत्पादों का भी निर्यात किया जाएगा।
एपीडा के सहायक महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि सब्जियों के निर्यात के लिए पूर्वांचल के 22 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और 25 निर्यातक कंपनियों के साथ ऑनलाइन बैठक की गई। यूरोपीय और खाड़ी देशों में मिर्च, मटर और आम के सफल निर्यात के बाद अब बैगन, टमाटर, सेम, भिंडी, लौकी, सहित कई प्रकार की हरी सब्जियों के निर्यात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए किसानों को जागरूक भी किया जाएगा। जैविक उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण देने की भी योजना है। इस बार निर्यात में जैविक उत्पाद को भी निर्यात किया जाएगा। जो किसानों की लंबे समय से मांग थी। उन्होंने बताया कि जिले में तीन पैकेजिंग हाउस के निर्माण का भी प्रस्ताव भेजा है। जिसमें राजातालाब के पेरिसेबल कार्गो सेंटर को अपग्रेड करने, करखियाव और एयर पोर्ट पर पैकेजिंग हाउस का निर्माण किया जाएगा। नमामि गंगे एफपीओ के सदस्य कन्हैया सिंह ने बताया कि खाड़ी और यूरोपीय देशों में जैविक उत्पादों की मांग है। अभी तक किसान पहाडि़या मंडी अपने निर्धारित स्टॉल पर बेचकर रासायनिक उत्पाद जितना आमदनी कर पा रहे थे। मगर अब जैविक खेती करने वाले किसानों को बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा।
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दो साल से जैविक खेती करने बड़ागांव के कनियर गांव के किसान राजेंद्र बहादुर ने बताया कि अभी तक पहाडि़या मंडी में एक दिवसीय जैविक उत्पादों के विपणन की सुविधा थी। अब जब विदेश निर्यात करने का अवसर मिला है तो यहां किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस सीजन मैने एक बीघा में टमाटर और परवल की खेती करने का मन बनाया है। इसके अलावा एक अलग प्लॉट की भी तलाश शुरू कर दी है। जहां ज्यादा से ज्यादा जैविक उत्पाद की खेती की जा सके।
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यूरोपीय देशों में रासायनिक पेस्टिसाइड का इस्तेमाल कम हो ऐसे उत्पादों की ज्यादा मांग है। इसलिए इस बार जैविक उत्पादों को भी निर्यात करने की योजना है। इसके लिए दिसंबर महीने में कंटेनर भेजा जाएगा। - इकराम हुसैन, उपाध्यक्ष, वाफा फ्रेश वेजिटेबल एंड फ्रूट एक्सपोर्ट एसोसिएशन मुंबई
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एपीडा के सहायक महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि सब्जियों के निर्यात के लिए पूर्वांचल के 22 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और 25 निर्यातक कंपनियों के साथ ऑनलाइन बैठक की गई। यूरोपीय और खाड़ी देशों में मिर्च, मटर और आम के सफल निर्यात के बाद अब बैगन, टमाटर, सेम, भिंडी, लौकी, सहित कई प्रकार की हरी सब्जियों के निर्यात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए किसानों को जागरूक भी किया जाएगा। जैविक उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण देने की भी योजना है। इस बार निर्यात में जैविक उत्पाद को भी निर्यात किया जाएगा। जो किसानों की लंबे समय से मांग थी। उन्होंने बताया कि जिले में तीन पैकेजिंग हाउस के निर्माण का भी प्रस्ताव भेजा है। जिसमें राजातालाब के पेरिसेबल कार्गो सेंटर को अपग्रेड करने, करखियाव और एयर पोर्ट पर पैकेजिंग हाउस का निर्माण किया जाएगा। नमामि गंगे एफपीओ के सदस्य कन्हैया सिंह ने बताया कि खाड़ी और यूरोपीय देशों में जैविक उत्पादों की मांग है। अभी तक किसान पहाडि़या मंडी अपने निर्धारित स्टॉल पर बेचकर रासायनिक उत्पाद जितना आमदनी कर पा रहे थे। मगर अब जैविक खेती करने वाले किसानों को बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा।
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दो साल से जैविक खेती करने बड़ागांव के कनियर गांव के किसान राजेंद्र बहादुर ने बताया कि अभी तक पहाडि़या मंडी में एक दिवसीय जैविक उत्पादों के विपणन की सुविधा थी। अब जब विदेश निर्यात करने का अवसर मिला है तो यहां किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस सीजन मैने एक बीघा में टमाटर और परवल की खेती करने का मन बनाया है। इसके अलावा एक अलग प्लॉट की भी तलाश शुरू कर दी है। जहां ज्यादा से ज्यादा जैविक उत्पाद की खेती की जा सके।
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यूरोपीय देशों में रासायनिक पेस्टिसाइड का इस्तेमाल कम हो ऐसे उत्पादों की ज्यादा मांग है। इसलिए इस बार जैविक उत्पादों को भी निर्यात करने की योजना है। इसके लिए दिसंबर महीने में कंटेनर भेजा जाएगा। - इकराम हुसैन, उपाध्यक्ष, वाफा फ्रेश वेजिटेबल एंड फ्रूट एक्सपोर्ट एसोसिएशन मुंबई