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शिकायतों के निस्तारण में कैंट थाना फिसड्डी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Wed, 30 Mar 2016 02:06 AM IST
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आमजन से जुड़ी शिकायतों और प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में कैंट थाना जिले भर में फिसड्डी है। हालत यह है कि इस साल का मार्च का महीना बीतने को आ गया है और साल 2015 की 215 शिकायतों का समाधान कैंट पुलिस द्वारा नहीं किया जा सका है। कुछ ऐसा ही हाल भेलूपुर, मंडुवाडीह, चोलापुर और चौबेपुर थाने का भी है।
एसएसपी आकाश कुलहरि ने मंगलवार को समीक्ष्ाा रिपोर्ट के अवलोकन के बाद लचर कार्यशैली वाले थाना प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने हिदायत दी कि एक सप्ताह में लंबित शिकायतों को निस्तारित कर अपनी रिपोर्ट उनके समक्ष पेश करें। बता दें कि इस संबंध्ा में मुख्यमंत्री अखिलेश्ा यादव का स्पष्ट निर्देश है कि आम जन की शिकायतों के निस्तारण में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी किसी भी सूरत में लापरवाही न बरतें।
बीते साल की 77 शिकायत भेलूपुर थाने में, 49 मंडुवाडीह में, 32-32 चोलापुर और चौबेपुर में, 27 रोहनिया में, 22 जंसा में, 20 सिगरा में, 20 सर्विलांस सेल में, 18 बड़ागांव में, 17 चौक में, 12 कोतवाली में और 11 दशाश्वमेध थाने में लंबित चल रही हैं। मंगलवार को एसएसपी ने लंबित शिकायतों की रिपोर्ट तलब की और जब उनके सामने हकीकत आई तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। संबंधित थानाध्यक्षों को दो टूक कहा कि यदि लंबित शिकायतों का निपटारा एक सप्ताह में नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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आमजन की शिकायतें निबटाने में जिले के पुलिस क्षेत्राधिकारियों और एडिशनल एसपी की कार्यशैली भी खास प्रभावी नहीं है। पिछले साल की सर्वाधिक 87 शिकायतें सीओ भेलूपुर के पास, 46 शिकायतें सीओ बड़ागांव के पास, 23 शिकायतें सीओ पिंडरा के पास, 18 शिकायतें सीओ सदर के पास लंबित चल रही हैं। साथ ही, पुलिस अधीक्षक नगर के पास 19 शिकायतें, पुलिस अधीक्षक अपराध के पास चार और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पास तीन शिकायतें लंबित चल रही है। एसएसपी ने क्षेत्राधिकारियों और अपर पुलिस अधीक्षकों को भी लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनके निस्तारण के लिए ताकीद की है।
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एसएसपी आकाश कुलहरि ने मंगलवार को समीक्ष्ाा रिपोर्ट के अवलोकन के बाद लचर कार्यशैली वाले थाना प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने हिदायत दी कि एक सप्ताह में लंबित शिकायतों को निस्तारित कर अपनी रिपोर्ट उनके समक्ष पेश करें। बता दें कि इस संबंध्ा में मुख्यमंत्री अखिलेश्ा यादव का स्पष्ट निर्देश है कि आम जन की शिकायतों के निस्तारण में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी किसी भी सूरत में लापरवाही न बरतें।
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बीते साल की 77 शिकायत भेलूपुर थाने में, 49 मंडुवाडीह में, 32-32 चोलापुर और चौबेपुर में, 27 रोहनिया में, 22 जंसा में, 20 सिगरा में, 20 सर्विलांस सेल में, 18 बड़ागांव में, 17 चौक में, 12 कोतवाली में और 11 दशाश्वमेध थाने में लंबित चल रही हैं। मंगलवार को एसएसपी ने लंबित शिकायतों की रिपोर्ट तलब की और जब उनके सामने हकीकत आई तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। संबंधित थानाध्यक्षों को दो टूक कहा कि यदि लंबित शिकायतों का निपटारा एक सप्ताह में नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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आमजन की शिकायतें निबटाने में जिले के पुलिस क्षेत्राधिकारियों और एडिशनल एसपी की कार्यशैली भी खास प्रभावी नहीं है। पिछले साल की सर्वाधिक 87 शिकायतें सीओ भेलूपुर के पास, 46 शिकायतें सीओ बड़ागांव के पास, 23 शिकायतें सीओ पिंडरा के पास, 18 शिकायतें सीओ सदर के पास लंबित चल रही हैं। साथ ही, पुलिस अधीक्षक नगर के पास 19 शिकायतें, पुलिस अधीक्षक अपराध के पास चार और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पास तीन शिकायतें लंबित चल रही है। एसएसपी ने क्षेत्राधिकारियों और अपर पुलिस अधीक्षकों को भी लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनके निस्तारण के लिए ताकीद की है।