काशी को नए साल में मिलेगी आयुष अस्पताल की सौगात, 50 बेड का अस्पताल खुलने की औपचारिकताएं पूरी
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आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काशी समेत प्रदेश के 16 जिलों में जल्द ही 50 बेड का आयुष अस्पताल खोला जाएगा। आयुष विभाग की ओर से इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। यहां ओपीडी में परामर्श, जांच के साथ ही ऑपरेशन और मरीजों के भर्ती की भी सुविधा रहेगी।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्म सिंह सैनी ने कहा कि सभी अस्पतालों के लिए 7.25 करोड़ रुपये की धनराशि भी दी जाएगी। बीएचयू में बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय अरोग्य मेले का उद्घाटन करने आए मंत्री सैनी ने सर्किट हाउस में बातचीत में बताया कि आयुष पद्धति से इलाज एलोपैथी की तुलना में बहुत सस्ता है।
अगले साल जून तक सभी 16 अस्पताल खुल जाएंगे। इसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी डॉक्टरों की नियुक्तियां भी की जाएंगी, जिससे कि जल्द से जल्द मरीजों को सुविधाओं का लाभ मिल सके। बताया कि जल्द ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के 1000 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें हर अस्पताल में 63 कर्मचारी नियुक्ति होंगे। मंत्री ने बताया कि अस्पताल खोले जाने संबंधी प्रस्ताव आयुष मिशन सोसाइटी को भेजा जा चुका है। शासन की मंजूरी के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
सोनभद्र सहित अन्य जिलों में भी खुलेंगे अस्पताल
काशी के अलावा लखनऊ, सोनभद्र, अमेठी, बस्ती, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, कुशीनगर, कानपुर देहात, देवरिया, ललितपुर, जालौन, कौशांबी,बरेली, सहारनपुर और कानपुर नगर में अस्पताल अगले साल जून तक खुल जाएंगे।
ये होंगी सुविधाएं
पचास बेड वाले अस्पतालों में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा और योग पद्धतियों से इलाज होगा। साथ ही स्त्री रोग, ईएनटी, बाल रोग, पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड और इमरजेंसी की भी सुविधा भी रहेगी। यहां पंचकर्म,क्षारसूत्र, हिजामा थिरेपी, थोकन्नम जैसी तकनीक से इलाज किया जाएगा। इसमें योग प्रशिक्षक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, पैथालॉजिस्ट आदि की तैनाती होगी।