{"_id":"5b366f054f1c1bfa6e8ba89c","slug":"kashi-vishwanath-temple-prasad-will-get-on-the-lines-of-this-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस मंदिर की तर्ज पर विश्वनाथ मंदिर में मिलेगा प्रसाद, कराया जाएगा जीआई पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस मंदिर की तर्ज पर विश्वनाथ मंदिर में मिलेगा प्रसाद, कराया जाएगा जीआई पंजीकरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:14 PM IST
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : काशी विश्वनाथ मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से भक्तों को खास प्रसाद देने की तैयारी की जा रही है। भक्तों को लड्डू और पेड़े का विशेष तौर पर तैयार किया गया प्रसाद देने की योजना है।
तिरूपति मंदिर की तर्ज पर बाबा के मंदिर के प्रसाद को लोकप्रिय बनाने के साथ ही अलग पहचान दिलाई जाएगी। मंदिर प्रशासन इसका जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) पंजीकरण कराएगा। इसी प्रसाद को आनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि तिरूपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर भक्तों को लड्डू और पेड़े का प्रसाद दिया जाएगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने टेंडर भी फाइनल कर दिया है। टेंडर की अनिवार्य शर्त यह रखी गई है कि प्रसाद ऐसा होगा जो और कहीं उपलब्ध नहीं हो।
विज्ञापन
भक्त मंदिर के काउंटर से लेकर बाबा को भोग लगा सकेंगे। सावन में यह सुविधा भक्तों के लिए शुरू हो जाएगी। मुख्य कार्यपालक ने बताया कि बाबा दरबार में मिलने वाले भोग के एकदम अलग होने से इसका जीआई पंजीकरण कराया जाएगा।
प्रसाद भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के मुताबिक तैयार कराया जाएगा और इसे कम से कम एक महीने तक इसे सुरक्षित रखा जा सकेगा।
विज्ञापन
तिरूपति मंदिर की तर्ज पर बाबा के मंदिर के प्रसाद को लोकप्रिय बनाने के साथ ही अलग पहचान दिलाई जाएगी। मंदिर प्रशासन इसका जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) पंजीकरण कराएगा। इसी प्रसाद को आनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि तिरूपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर भक्तों को लड्डू और पेड़े का प्रसाद दिया जाएगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने टेंडर भी फाइनल कर दिया है। टेंडर की अनिवार्य शर्त यह रखी गई है कि प्रसाद ऐसा होगा जो और कहीं उपलब्ध नहीं हो।
विज्ञापन
भक्त मंदिर के काउंटर से लेकर बाबा को भोग लगा सकेंगे। सावन में यह सुविधा भक्तों के लिए शुरू हो जाएगी। मुख्य कार्यपालक ने बताया कि बाबा दरबार में मिलने वाले भोग के एकदम अलग होने से इसका जीआई पंजीकरण कराया जाएगा।
प्रसाद भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के मुताबिक तैयार कराया जाएगा और इसे कम से कम एक महीने तक इसे सुरक्षित रखा जा सकेगा।