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काशी विश्वनाथ मंदिर- ज्ञानवापी मामला: शृंगार गौरी मंदिर में नियमित दर्शन को लेकर 26 को सुनवाई

Thu, 21 Apr 2022 10:06 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 21 Apr 2022 10:06 AM IST
सार

काशी विश्वनाथ मंदिर ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी और अन्य विग्रह का वकील कमिश्नर से सर्वे मामले में अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। 

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Kashi Vishwanath Temple  Gyanvapi masjid case Debate on application for ban on videography completed hearing on 26 April
काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी परिक्षेत्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी विश्वनाथ मंदिर ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी और अन्य विग्रह का वकील कमिश्नर से सर्वे मामले में अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। डीजीसी सिविल की आपत्ति पर वादी पक्ष की तरफ से बुधवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दीवाकर की कोर्ट में दलीलें पेश की गई। अदालत ने दोनों पक्षों और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद का पक्ष सुनने के बाद अगली सुनवाई का आदेश पारित किया।

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वादी पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी व सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने डीजीसी सिविल के आवेदन को निरस्त करने, मां शृंगार गौरी और मंदिर के विग्रह देवताओं का स्थान, तहखाना और बैरिकेडिंग के अंदर मंदिर से संबंधित समस्त साक्ष्य जो वादी गण द्वारा बताया जाए और दिखाया जाए उसकी कमीशन कार्यवाही वीडियोग्राफी व फोटो में प्रतिवादीगण के सहयोग करने और बाधा न उत्पन्न करने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया।

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रेडजोन में वीडियोग्राफी से सुरक्षा को खतरा

साथ ही कमीशन कार्यवाही में राखी सिंह समेत पांच वादी, 15 अधिवक्ता और तीन वीडियोग्राफर के शामिल होने की बात कही गई। आपत्ति में कहा गया कि वकील कमिश्नर या अन्य को बैरिकेडिंग के अंदर कमीशन की कार्यवाही पर रोक लगाने, कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होने जैसी बात कहकर न्यायालय व न्याय को भी स्पष्ट न्याय करने से रोकने व असहयोग जैसी धमकी है। रेडजोन में वीडियोग्राफी से सुरक्षा को खतरा और साथ ही ज्ञानवापी परिसर में सिर्फ मुसलमानों और सुरक्षाकर्मियों के प्रवेश पर भी आपत्ति जताई गई।

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यूपी स्टेट की तरफ से डीजीसी सिविल महेंद्र कुमार पांडेय व डीजीसी फौजदारी आलोक चंद्र शुक्ल ने पक्ष रखा। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की तरफ से अधिवक्ता अभय यादव ने कमीशन की कार्यवाही जिस आराजी नं. 09130 के बाबत कही गई है, उसकी चौहद्दी और रकबा स्पष्ट नहीं होने पर सवाल उठाया।

अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश के लिए 26 अप्रैल की तिथि नियत कर दी।  शृंगार गौरी के नियमित दर्शन और ज्ञानवापी स्थित अवशेषों की मरम्मत को लेकर दाखिल वाद में मौके की स्थिति की रिपोर्ट के बाबत अदालत ने वकील कमिश्नर अजय कुमार को नियुक्त किया था, जिस पर मंगलवार को कमीशन की कार्यवाही होनी थी।

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