काशी विश्वनाथ मंदिर: तमिल-तेलुगु सहित चार भाषाओं में शुरू हुआ डिजिटल टूरिज्म मैप, जानें खासियत
Varanasi News: काशी आने वाले दर्शनार्थियों और पर्यटकों के लिए डिजिटल टूरिज्म मैप शुरू किया गया है। यह सुविधा तमिल, तेलुगु समेत चार भाषाओं में उपलब्ध होगी। इसके जरिए पर्यटकों को काशी और आसपास की हेरिटेज साइट, टूर प्लान, प्रमुख मंदिरों, खानपान और स्थानीय सुविधाओं की वास्तविक एवं आसान जानकारी मिल सकेगी।
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Kashi Vishwanath Mandir: श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, तमिल और तेलुगु में डिजिटल काशी टूरिज्म मैप शुरू किया है। ये मैप भक्तों को हेरिटेज साइट, काशी टूर प्लान, घाट, मंदिर के साथ पांच दिन के यात्रा टूर पैकेज, खान-पान की वास्तविक जानकारियां देगा।
इसके लिए एक डिजिटल ट्रेवल गाइड बनाकर जारी किया गया है। इसमें काशी विश्वनाथ मंदिर से 100 मीटर यानी अन्नपूर्णा मंदिर से लेकर 300 किलोमीटर दूरी यानी चित्रकूट तक के पर्यटन स्थलों का विवरण दिया गया है। ये हैंड पिक्ड मैप यानी हाथ में आसानी से लेकर चला जा सकने वाला होगा।
विश्वनाथ मंदिर की वेबसाइट पर ही एक टैब एक्सप्लोर काशी एंड मोर नाम से दिया गया है जिस पर क्लिक करके टूरिज्म मैप वेब पेज पर पहुंचा जा सकता है। इस वेब पेज पर सभी चार भाषाओं में तस्वीरों के साथ हाई रिजॉल्यूशन का मैप मिलेगा जिसे डाउनलोड करके मोबाइल में भी सुरक्षित रखा जा सकता है। इस मैप में बाबा विश्वनाथ धाम से लेकर काशी के हर एक तीर्थ और मंदिर तक पहुंचने की दिशा और दूरी दोनों ज्ञात करके दी गई है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने वाला भक्त सिर्फ यहीं तक सीमित न रहे, इसलिए ये व्यवस्था दी गई है। मंडलायुक्त एस राजलिंगम के निर्देश पर तीन महीने में इसे तैयार किया गया है। हर भक्त के लिए अब काशी दर्शन में काफी सहूलियत होगी।
राम मंदिर से लेकर लखनिया दरी को जानेंगे पर्यटक
बनारस के आसपास मार्कंडेय महादेव मंदिर, अयोध्या के राम मंदिर, लखनिया दरी, चुनार किला, गंगा डॉल्फिन, मिर्जापुर का विंध्यवासिनी मंदिर, फॉसिल्स पार्क सोनभद्र, चंद्रप्रभा बांध, राजदरी झरना, प्रयागराज जैसे शहरों की दूरी का आंकड़ा और फोटो जारी किया गया है। इस व्यवस्था में भक्तों के पांच दिन के पांच पहर के टूर प्लान भी सुझाए गए हैं। पांच प्रहर में काशी को कैसे विजिट करें उसकी जानकारियां दी गई हैं। पुराने संस्थान और साहित्यकारों के घर आदि की जानकारियां भी प्लान में शामिल हैं।