Varanasi: काशी विश्वनाथ धाम के दो KM के दायरे में 26 मीट की दुकानें कराई गईं बंद, अभियान चलाकर की गई कार्रवाई
Kashi Vishwanath Temple : काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास की मीट की कई दुकानें बंद कराई गईं। इस दौरान नगर निगम के साथ ही पुलिस भी मौजूद रही। कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बेनियाबाग और नई सड़क क्षेत्र की 26 मीट-मांस की दुकानों को शुक्रवार को बंद कराया गया। नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर पहले दुकानें बंद कराईं और उसके बाद दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा किया। नोटिस पर लिखा था यह मुर्गा, मीट की दुकान अवैध है। इसे एक मार्च से बंद कराया गया है। हालांकि टीम के जाते ही कुछ दुकानें फिर से खुल गईं।
बीते 18 जनवरी को नगर निगम सदन ने काशी विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में मांस-मदिरा की दुकानों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव मंजूर किया था। इस प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए शुक्रवार को बेनियाबग और नई सड़क क्षेत्र की मीट की दुकानों को बंद कराने की कार्रवाई शुरू हुई। जैसे ही टीम पहुंची क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कुछ लोगों ने पहले ही दुकानें बंद कर दीं। कई दुकानों को टीम ने बंद कराया।
निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ अजय प्रताप सिंह ने बताया कि 26 दुकानें बंद कराई गई हैं। शनिवार को भी ये अभियान जारी रहेगा। बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले लहुराबीर, सोनारपुरा, लक्सा, दालमंडी, बेनियाबाग, नई सड़क, हड़हा सराय आदि इलाकों में 50 से अधिक दुकानें मांस और 30 दुकानें मदिरा की हैं।
जिन दुकानों पर कार्रवाई हुई, वह दायरे से बाहर
कुरैश बिरादरी के महामंत्री नदीम कुरैशी ने कहा कि पशु चिकित्साधिकारी ने एक सप्ताह पहले इसकी जानकारी दी थी कि विश्वनाथ मंदिर के दो किमी के दायरे में मांस-मदिरा की दुकानें नहीं खुलेंगी। आज आए और दुकानें बंद कराने के बाद एक कागज चस्पा करके चले गए। नदीम कुरैशी का दावा है कि जहां मीट-मांस बेचे जाते हैं, वह मंदिर से दो किमी दायरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि हम सरकार और मेयर से मांग करते हैं, वो हमारे साथ न्याय करे।