काशी विश्वनाथ का सावन श्रृंगार: अर्द्धनारीश्वर..भागीरथी श्रृंगार या फिर अमृत वर्षा, हर रूप से भक्त हुए निहाल
सावन के अंतिम सोमवार को काशी विश्वनाथ का रुद्राक्ष शृंगार किया जाएगा। एक लाख रुद्राक्ष के दानों से श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और शिव-पार्वती की प्रतिमा का अद्भुत स्वरूप सजेगा। पढ़िए, सावन के सोमवार पर किस-किस रूप में हुआ बाबा का श्रृंगार..
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भगवान शिव के अतिप्रिय मास सावन में काशी बम-बम है। बाबा विश्वनाथ के धाम में रोजाना भक्तों का रेला आ रहा है। अब तक 1.44 करोड़ श्रद्धालु बाबा दरबार में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर चुके हैं। सावन के हर सोमवार को बाबा का अद्भुत श्रृंगार हुआ। जिसे देखकर देश ही नहीं विदेश के लोग भी मंत्रमुग्ध हो गए।
सावन के पहले सोमवार पर बाबा का श्रृंगार
आषाढ़ पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ की भव्य सजावट हुई। सुबह से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन पूजन की कतार लगी रही और देर रात तक श्रद्धालुओं ने बाबा का दर्शन पूजन किया। सोमवार को आषाढ़ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं की कतार बाबा दरबार में लग गई। शाम को सप्तर्षि आरती के पूर्व बाबा विश्वनाथ की भव्य सजावट की गई। बाबा के गर्भ गृह में स्थापित चल रजत प्रतिमा और प्रतिमा की सजावट हुई। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के भव्य स्वरूप के दर्शन किए।
दूसरा सोमवार
सावन के दूसरे सोमवार पर वाराणसी की गलियां, सड़कें सब शिवमय हो गए। काशी विश्वनाथ मंदिर में आज शाम गौरी-शंकर का विशेष श्रृंगार हुआ।
तीसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का अमृत वर्षा श्रृंगार
वैसे तो श्री काशी विश्वनाथ का प्रतिदिन फूल मालाओं से श्रृंगार होता है, लेकिन सावन के सभी सोमवार पर बाबा अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। सावन के तीसरे सोमवार को बाबा का अर्धनारीश्वर का श्रृंगार सुगंधित फूलों से करने की परंपरा है। लेकिन इस बार मलमास के कारण सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का अमृत वर्षा श्रृंगार हुआ।
चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का भागीरथी श्रृंगार
चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का भागीरथी श्रृंगार हुआ। पांचवें सोमवार को तपस्यारत पार्वती श्रृंगार, छठवें सोमवार को शंकर पार्वती और गणेश श्रृंगार के दर्शन भक्तों को हुए। सातवें सोमवार को अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में भगवान शिव गर्भगृह में विराजमान हुए। अंतिम व आठवें सोमवार को बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार कराया जाएगा।
सावन के पांचवें सोमवार पर बाबा का श्रृंगार
सावन के पांचवें सोमवार पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के साथ तपस्यारत पार्वती के शृंगार के भी दर्शन कर रहे हैं। मंगला आरती के बाद से आठ बजे तक ढाई लाख से ज्यादा भक्तों ने शीश नवाया। मध्यरात्रि के बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होने लगे थे। रविवार को शयन आरती तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।
सावन के छठे सोमवार पर बाबा का श्रृंगार
सावन के छठवें और पुरुषोत्तम मास के अंतिम सोमवार को शिवभक्त पुत्र प्रथमेश के साथ भगवान शंकर और मां पार्वती का श्रृंगार हुआ। श्रद्धालुओं को महादेव के इस स्वरूप के दर्शन सप्तऋषि आरती के बाद मिले।
सावन के सातवें सोमवार पर बाबा का श्रृंगार
सावन के सातवें सोमवार पर बाबा विश्वनाथ ने अपने भक्तों को अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन दिए। शाम 7 बजे तक बाबा विश्वनाथ धाम में 5.42 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। वहीं, श्रावण मास के सातवें सोमवार तक 1.34 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर लिया है।
सावन के अंतिम सोमवार को काशी विश्वनाथ का रुद्राक्ष शृंगार किया जाएगा। एक लाख रुद्राक्ष के दानों से श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और शिव-पार्वती की प्रतिमा का अद्भुत स्वरूप सजेगा। बाबा विश्वनाथ की करीब एक घंटे तक महाआरती होगी। भक्त बाबा के रुद्राक्ष स्वरूप का दर्शन पूजन करेंगे।
रविवार की सुबह 4.30 बजे से दर्शन पूजनकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में सावन के अंतिम सोमवार के दर्शन पूजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार से भक्तों ने दर्शन-पूजन शुरू कर दिए हैं। रविवार की मध्य रात्रि से भक्त बाबा के दर्शन पूजन के लिए कतारबद्ध हो जाएंगे। मंगला आरती के बाद सुबह 4.30 बजे दर्शन पूजन का सिलसिला आरंभ होगा।
मार्कंडेय महादेव धाम में चार लाख भक्तों के आने का अनुमानकैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में भी साढ़े चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके अलावा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, रोहनिया शूलटंकेश्वर महादेव, कर्दमेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर, गौरी केदारेश्वर महादेव, सारंगनाथ महादेव सहित शहर के सभी शिवमंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रहेगी।
काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालु (लाख में)
पहले सोमवार- 5.50दूसरे सोमवार-5.50
तीसरे सोमवार-06चौथे सोमवार-6.50
पांचवें सोमवार-6.60छठवें सोमवार-6.15
सातवें सोमवार- 6.85 लाखसावन के अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में भक्तों के आने का अनुमान है। मंदिर की तरफ से तैयारियां की जा रही हैं। कांवडियों व भक्तों पर पहले की तरह पुष्पवर्षा की जाएगी।- सुनील कुमार वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी