Kashi Vishwanath Dham: पहली बार धाम में बंटेगा अन्न-धन का खजाना, मां अन्नपूर्णा और बाबा के एक साथ होंगे दर्शन
कासी विश्वनाथ मंदिर में नई परंपरा की शुरुआत 23 अक्तूबर को होगी। धाम स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर से पहली बार अन्न-धन का खजाना बांटा जाएगा।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर से पहली बार अन्न-धन का खजाना बांटा जाएगा। विश्वनाथ मंदिर में नई परंपरा की शुरुआत 23 अक्तूबर को होगी। अभिजीत मुहूर्त में मंगला आरती के बाद माता और बाबा का दरबार भक्तों के लिए खुल जाएगा। आरती के पश्चात 108 साल बाद कनाडा से काशी आई मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के दर्शन होंगे।
मंदिर प्रशासन ने धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा के दर्शन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार को श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के पूर्वी द्वार से प्रवेश कराकर माता के दर्शन कराए जाएंगे। पूरे मंदिर परिसर की भव्य सजावट और झांकी सजाई गई है।
धनतेरस से लेकर अन्नकूट तक भव्य आयोजन
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि रजत जड़ित दीवारों के बीच स्थापित माता की स्वर्णमयी प्रतिमा के अलावा कनाडा से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची मां की प्रतिमा भी विराजमान है। न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय और न्यास के अन्य सदस्यों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, इन प्रतिमाओं के दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन ने व्यवस्था की है।
धनतेरस से लेकर अन्नकूट तक भव्य आयोजन में दर्शन के लिए आने वाले सभी दर्शनार्थियों को खजाना स्वरूप सिक्का और लावा दिया जाएगा। मान्यता है कि अन्नपूर्णा दरबार से आशीर्वाद स्वरूप मिले इस खजाने से घर परिवार में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती है।
देश-विदेश से आने वाले सभी दर्शनार्थियों के लिए मंदिर में दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए बैरिकेडिंग और प्रवेश निकास की व्यवस्था भी अलग से की गई है। पुलिस और मंदिर प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की एक झलक पाने को दूर दराज से भक्त पहुंचे काशी
आदि विश्वेश्वर को अन्न की भिक्षा देनी वाली मां जगदंबा स्वरुपिणी माता अन्नपूर्ण के स्वर्णिम स्वरूप के दर्शन रविवार से शुरू हो जाएंगे। भक्तों को प्रसाद स्वरूप चांदी के सिक्के बंटेंगे। 23 अक्तूबर से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला 26 तक अनवरत चलेगा। शनिवार सुबह बांसफाटक से गोदौलिया तक बैरिकेडिंग में भक्त कतारबद्ध होने लगे थे।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के महंत शंकर पुरी ने नाश्ता, पानी और चाय का इंतजाम करवाया। सुबह, दोपहर और शाम को वालंटियर ने श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया। 23 अक्तूबर को चार बजे भोर में माता के मंदिर का कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा। भक्त परिसर में बनी अस्थायी सीढ़ी से होते हुए प्रथम तल पर विराजमान माता के दर्शन कर राम मंदिर से बाहर निकलेंगे।
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