वाराणसी: मैदागिन-गौदोलिया मार्ग पर लागू रहेगा नो व्हीकल जोन, व्यापारियों को शर्तों पर ढील, जानें क्या बदलाव किया गया
काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने के कारण गोदौलिया से मैदागिन तक का क्षेत्र नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया था। व्यापारियों की मांग पर नियमों में थोड़ी ढील दी गई है।
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वाराणसी के मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर नो व्हीकल जोन पूर्व की तरह ही लागू रहेगा। हालांकि इस बीच व्यापारियों और आसपास इलाकों में रहने वालों को शर्तो पर ढील दी गई है। नो व्हीकल जोन के अंतर्गत व्यापारियों को माल ढुलाई के लिए दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक तीन घंटे का मौका दिया गया है।
वहीं कार, ऑटो, ई-रिक्शा को नो व्हीकल जोन में प्रवेश पर मनाही होगी। इलाके में रहने वालों को दुपहिया वाहनों से आवाजाही पर छूट होगी। वहीं रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक सभी प्रकार के वाहनों को छूट दी गई है।
एडीसीपी ट्रैफिक ने बुधवार को पुलिस लाइन में व्यापारिक संगठनों संग बैठक की और जाम से जूझते अन्य इलाकों को लेकर खाका भी खींचा। एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी ने कहा कि ऑटो और ई-रिक्शा सोनारपुरा से गोदौलिया, लक्सा से रामापुरा, रेवड़ी तालाब से रामापुरा, मैदागिन से गोदौलिया, लहुराबीर से चेतगंज होकर बेनिया, रामापुरा तक पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगे।
वीआईपी गाड़ी को नो व्हीकल जोन में जाने की छूट
मैदागिन से गोदौलिया तक किसी भी प्रकार के वाहन सड़क पर खड़े नहीं होंगे और वीआईपी फ्लीट में से मात्र वीआईपी गाड़ी को ही नो व्हीकल जोन में जाने की छूट होगी और प्रशासनिक किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा। इस दौरान महानगर उद्योग व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई।
व्यपारियों ने कहा- थोक और खुदरा व्यवसाय हुआ प्रभावित
संगठन के संरक्षक श्रीनारायण खेमका, अध्यक्ष प्रेम मिश्रा, अनुज डिडवानिया, अशोक जायसवाल, घनश्याम जायसवाल, डॉ. अंजनी मिश्रा, अजय गुप्ता ने मांग किया कि नो व्हीकल जोन में माल की आवाजाही को लेकर और छूट दिया जाए। वहीं नौ और 10 जनवरी से लागू होने वाले अन्य हिस्सों में नो व्हीकल जोन में भी व्यापारियों को छूट दिया जाए।
आगामी दिनों में जारी होने वाले नो व्हीकल जोन से व्यापारियों को काफी परेशानियां होगी। प्रतिबंध लगाने से लगभग 20 हजार थोक व खुदरा व्यवसाय भी प्रभावित हो गया, जो कि कही से भी न्यायसंगत नहीं है ,पहले से ही खस्ताहाल व्यापार समाप्त हो जाएगा, अत: इस आदेश को संशोधित किया जाए।