Kashi Vishwanath Dham: धूप में अब नहीं जल रहे भक्तों के पांव, गंगा द्वार से मंदिर चौक तक लगाया गया जर्मन हैंगर
काशी विश्वनाथ धाम में गंगा द्वार से लेकर मंदिर चौक तक जर्मन हैंगर लगने के बाद तेज धूप में श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है। इसके साथ ही वाटर कूलर और पानी का इंतजाम भी किया गया है। मंदिर के सेवादारों को श्रद्धालुओं को पानी पिलाने के लिए लगाया गया है
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जेठ की घनी दोपहरी में बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों की अग्निपरीक्षा नहीं लेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बुधवार को जर्मन हैंगर लगा दिया गया है। काशी विश्वनाथ धाम में गंगा द्वार से लेकर मंदिर चौक तक जर्मन हैंगर लगने के बाद तेज धूप में श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में अब शिवभक्तों को ना तो धूप लगेगी और ना ही बरसात का असर होगा। जर्मन हैंगर लगने के बाद धाम में आने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। गंगा द्वार के रास्ते धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को जब छांव मिली तो उन्होंने भी मंदिर प्रशासन को धन्यवाद दिया।
बढ़ती हुई गरमी और तापमान को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से गंगाद्वार से लेकर मंदिर चौक तक जर्मन हैंगर के साथ ही कैनोपी लगाकर छांव का इंतजाम किया गया है। इसके साथ ही वाटर कूलर और पानी का इंतजाम भी किया गया है। मंदिर के सेवादारों को श्रद्धालुओं को पानी पिलाने के लिए लगाया गया है।
तीन महीने के लिए है अस्थायी इंतजाम
श्री काशी विश्वनाथ धाम में लगाया गया जर्मन हैंगर फिलहाल गरमी को देखते हुए आने वाले तीन महीनों के लिए अस्थायी तौर पर लगाया गया है। तीन महीने के बाद श्रद्धालुओं के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएंगे। सावन में बाबा के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा द्वार से लेकर मंदिर चौक तक जर्मन हैंगर की स्थायी सुविधा मिलेगी।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि गर्मी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जर्मन हैंगर के साथ ही पानी का भी इंतजाम धाम क्षेत्र में जगह-जगह किया गया है।