Kashi Vishwanath Dham: अग्नि सुरक्षा के हाईटेक उपकरणों से लैस हुआ बाबा का दरबार, आग लगते ही मिनटों में पाया जा सकेगा काबू
काशी विश्वनाथ धाम परिसर के किसी भी भवन में आग लगते ही उस पर कुछ ही देर में काबू पाया जा सकता है। आग लगने पर तत्काल अत्याधुनिक तकनीक के फायर फाइटर उपकरण खुद ही आग को नियंत्रित करेंगे।
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नव्य, भव्य और दिव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम अत्याधुनिक फायर फाइटर उपकरणों से लैस किया गया है। आग लगने पर स्वचालित उपकरण खुद ही आग को नियंत्रित कर लेंगे। परिसर के किसी भी भवन में आग लगते ही उस पर कुछ ही देर में काबू पाया जा सकता है। धाम में आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से धाम को अब पूरी तरह अग्नि सुरक्षा के अत्याधुनिक उपकरणों से लैस कर दिया गया है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में मंदिर समेत सभी नव निर्मित भवनों की सुरक्षा के लिए अग्निशमन विभाग ने अत्याधुनिक उपकरण लगाए हैं। आग लगने पर तत्काल अत्याधुनिक तकनीक के फायर फाइटर उपकरण खुद ही आग को नियंत्रित करेंगे।
धाम परिसर में लगा एक लाख 45 हजार लीटर का वाटर टैंक
उन्होंने बताया कि करीब एक लाख 45 हजार लीटर का वाटर टैंक मंदिर परिसर में है। अत्याधुनिक पंप लगे हैं। जिसमें जॉकी पंप ऑटो मोड में रहता है। आग की भनक लगते ही यह स्वत: चालू हो जाता है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिकल पंप भी खुद ही स्टार्ट हो जाता है जो अधिक प्रेशर से पानी देता है।
यदि किसी कारण से ये दोनों पंप आग लगने पर नहीं चल पाते हैं तो तीसरा डीजल पंप खुद चालू हो जाता है। इसके अलावा पूरे परिसर में 96 फायर हाइड्रेंट लगे है। जिसमें एक्सटर्नल 41 और इंटरनल 55 फायर हाइड्रेंट और 494 स्मोक डिटेक्टर , 46 हीट डिटेक्टर लगे हैं। इसके अलावा अलग-अलग तरह के करीब 224 फायर एक्सटिंग्विशर भी परिसर में लगे हैं।
162 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा के लिए लगे 162 सीसीटीवी कैमरे से कंट्रोल रूम में निगरानी भी होती रहती है। इसके साथ ही अग्नि शमन कर्मचारी फायर पैनल पर भी नजर रखते हैं। जिसे आग लगने वाली सही जगह की पहचान हो सके और आग पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। इसके अलावा विभाग के पास पोर्टेबल पंप है जिससे गंगा से सीधे पानी लिया जा सकता है।
जल्द ही शुरू होंगी व्यावसायिक गतिविधियां
श्री काशी विश्वनाथ धाम विस्तारीकरण व सौंदर्यीकरण के बाद कुल लगभग 50 हजार 280 वर्ग मीटर में फैल गया है। धाम में शिव भक्तों की तादाद रोजाना बढ़ती जा रही है। आने वाले समय में नव निर्मित भवनों में व्यवसायिक गतिविधियां भी शुरू होंगी। साथ ही मुमुक्षु भवन,गेस्ट हाउस, म्यूजियम, लाइब्रेरी, जलपान गृह आदि का संचालन शुरू होगा इसको देखते हुए अग्नि शमन विभाग ने अग्नि सुरक्षा के सभी उपाय कर लिए हैं।