काशी विश्वनाथ कॉरिडोरः भवनों के संचालन के लिए नियुक्त होगा सलाहकार, जल्द जारी होगा टेंडर
लखनऊ में अलग-अलग चरणों में दो दिन की बैठक में काशी विश्वनाथ धाम से संबंधित कई फैसले लिए गए। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रख परियोजना में कई संशोधन किए गए हैं।
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वाराणसी में निर्माणाधीन काशी विश्वनाथ धाम में 24 भवनों के संचालन के लिए शासन ने सलाहकार नियुक्त करने का निर्देश दिया है। कंसलटेंट भवनों के रेवेन्यू मॉडल पर मंदिर प्रशासन को सलाह देगा। भवनों को आय से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का सहारा लिया जाएगा। मंदिर परिसर को काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के जरिए संचालित करने की भी सलाह दी गई है।
हालांकि प्रशासन कंसलटेंट के लिए अगले सप्ताह तक निविदा (टेंडर) जारी कर सकता है। उधर, भवनों के संचालन पर भी शासन स्तर से अगले सप्ताह तक निर्णय की उम्मीद है। लखनऊ में अलग-अलग चरणों में दो दिन की बैठक में ये फैसला लिया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रख परियोजना में कई संशोधन किए गए हैं।
इसमें नए पहलु भी जोड़े गए हैं। इसके तहत काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की डीपीआर में सड़क छोर पर भव्य गेट दिया गया था, लेकिन गंगा की ओर इसका प्रविधान नहीं था। परियोजना का खास आकर्षण गंगा की ओर ही होगा, ऐसे में इस तरफ भी भव्य गेट बनाने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा गंगा गैलरी के निर्माण से 40 करोड़ रुपये तक के बजट बढ़ोतरी का आंकलन किया गया है। बृहस्पतिवार को शासन में हुई बैठक में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए और डिजाइन बदलाव के बिंदुओं पर सहमति दी गई। मंडलायुक्त ने बताया कि फर्नीचर खरीद, सुरक्षा और भवनों के संचालन पर बैठक में चर्चा की गई है। फर्नीचर खरीद के लिए नौ करोड़ और सुरक्षा पर पांच करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।