Varanasi: काशी विद्यापीठ पर चढ़ने लगा चुनावी रंग, अधिसूचना जारी होने से पहले ही चुनाव प्रचार शुरू
वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है लेकिन चुनाव प्रचार शुरू हो गया है। लिंगदोह की समितियों को ताक पर रखकर पूरे परिसर में दिन भर जुलूस निकाला जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौन साध रखा है।
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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही छात्रों ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। लिंगदोह की समितियों को ताक पर रखकर पूरे परिसर में दिन भर जुलूस निकाला जा रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौन साध रखा है।
शनिवार को छात्रनेताओं ने चुनाव के संदर्भ में बुलाई गई बैठक के दौरान जमकर हंगामा किया। छात्रों ने कहा कि जब तक सभी विद्यार्थियों के पहचान पत्र नहीं बन जाते हैं, तब तक चुनाव स्थगित रखा जाए।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए जांच अभियान चलाया।
पहचान पत्र के बिना वोट कैसे देंगे छात्र
इसके कुछ देर बार छात्रसंघ चुनाव के लिए बैठक बुलाई गई। बैठक में पहुंचे छात्रनेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि अभी बहुत से विद्यार्थियों के पहचान पत्र ही नहीं बने हैं। छात्र नेताओं ने कहा कि जब सबका पहचान पत्र ही नहीं बना है तो वह अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
ऐसे में जब तक सबका पहचान पत्र न बन जाए चुनाव स्थगित कर दिया जाए। इस दौरान कुछ देर हंगामे की स्थिति रही। छात्रनेता संदीप कुमार, प्रतीक गुप्ता, मनोज यादव ने बताया कि लोकतंत्र में सबको मत देने का अधिकार है। कुछ विभागों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और कई नए छात्रों का पहचान पत्र नहीं बन पाया है। ऐसे में चुनाव होता है तो कई छात्र मतदान से वंचित रह जाएंगे।