{"_id":"b5c2982b32083165740b3d50d6bb16f8","slug":"kashi-vidyapith-made-admition-gideline-for-college-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काशी विद्यापीठ ने कॉलेजों में प्रवेश के लिए बनाई नियमावली ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी विद्यापीठ ने कॉलेजों में प्रवेश के लिए बनाई नियमावली
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Tue, 24 Mar 2015 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध कालेज अब दाखिले में मनमानी नहीं कर सकेंगे। विद्यापीठ प्रशासन ने कॉलेजों में प्रवेश प्रकिया को पारदर्शी बनाने के लिए नियमावली तैयार की है। इसके तहत ऑनलाइन प्रवेश फार्म की व्यवस्था लागू करने के साथ ही सारी सूचनाएं वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। इससे अभ्यर्थी जहां धोखाधड़ी के शिकार होने से बच सकेंगे, वहीं विश्वविद्यालय को भी सही ब्योरा आसानी से मिल जाएगा। सोमवार को प्रवेश समिति की बैठक में इस नियमावली को मंजूरी मिल गई।
कुलसचिव ओम प्रकाश ने बताया कि राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित कालेजों में प्रवेश संबंधी नियमावली न होने से कठिनाइयां होती थीं। अब कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अर्हता परीक्षा में कुल प्राप्तांक प्रतिशत या प्रवेश परीक्षा की मेरिट पर दाखिला होगा। अभ्यर्थियों को तीन वर्षीय स्नातक परीक्षा अधिकतम पांच वर्ष, दो वर्षीय पीजी परीक्षा चार साल, एलएलबी
छह और बीएड, बीपीएड, एमएड की परीक्षा अधिकतम चार साल में पास करनी होगी। प्रवेश के लिए अर्हता के साथ ही अभ्यर्थियों को मिलने वाले आरक्षण, उपलब्ध सीटों, सुविधाओं और फीस आदि की सारी जानकारी कॉलेजों को वेबसाइट पर मुहैया करानी होगी। उन्होंने बताया कि इससे विद्यार्थी किसी तरह की धोखाधड़ी के शिकार नहीं हो पाएंगे। साथ ही कॉलेजों को प्रवेश का पूरा ब्यौरा विश्वविद्यालय द्वारा दिए लिंक पर अपलोड करना होगा। बताया कि 15 दिन के भीतर कॉलेजों को नियमावली की प्रति जल्द ही भेजी जाएगी ताकि प्रवेश के समय कोई असुविधा न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुलसचिव ओम प्रकाश ने बताया कि राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित कालेजों में प्रवेश संबंधी नियमावली न होने से कठिनाइयां होती थीं। अब कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अर्हता परीक्षा में कुल प्राप्तांक प्रतिशत या प्रवेश परीक्षा की मेरिट पर दाखिला होगा। अभ्यर्थियों को तीन वर्षीय स्नातक परीक्षा अधिकतम पांच वर्ष, दो वर्षीय पीजी परीक्षा चार साल, एलएलबी
विज्ञापन
छह और बीएड, बीपीएड, एमएड की परीक्षा अधिकतम चार साल में पास करनी होगी। प्रवेश के लिए अर्हता के साथ ही अभ्यर्थियों को मिलने वाले आरक्षण, उपलब्ध सीटों, सुविधाओं और फीस आदि की सारी जानकारी कॉलेजों को वेबसाइट पर मुहैया करानी होगी। उन्होंने बताया कि इससे विद्यार्थी किसी तरह की धोखाधड़ी के शिकार नहीं हो पाएंगे। साथ ही कॉलेजों को प्रवेश का पूरा ब्यौरा विश्वविद्यालय द्वारा दिए लिंक पर अपलोड करना होगा। बताया कि 15 दिन के भीतर कॉलेजों को नियमावली की प्रति जल्द ही भेजी जाएगी ताकि प्रवेश के समय कोई असुविधा न हो।
विज्ञापन