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Kashi Vidyapeeth:25 दिन और करना होगा विद्यापीठ में दाखिले के लिए इंतजार
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3.22 लाख छात्र-छात्राओं की संख्या वाले काशी विद्यापीठ और इससे जुड़े कॉलेजों के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया अभी 20-25 दिन बाद शुरू होगी। तकनीकी रूप से दक्ष मैन पॉवर की कमी के चलते देरी हो रही। अब विश्वविद्यालय की एक टीम दिल्ली जाकर पोर्टल के जरिये एडमिशन प्रक्रिया को संपादित करने के लिए प्रशिक्षण लेगी। दिल्ली से लौटकर टीम विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेगी। इसके बाद प्रवेश शुरू होगा। इस लंबी प्रक्रिया के बाद जून में प्रवेश शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
काशी विद्यापीठ कैंपस में स्नातक की लगभग पांच हजार सीटें हैं। इसके लिए एडमिशन की प्रक्रिया अमूमन अप्रैल में शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार मई का अंतिम चरण आ गया और प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। प्रवेश विलंबित होने के पीछे वजह यह है कि केंद्र सरकार से निर्धारित समर्थ पोर्टल के जरिये प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय के पास तकनीकी रूप से दक्ष मैन पॉवर नहीं है। जबकि शासन का आदेश है कि एडमिशन का काम मैन पॉवर से ही कराना है, किसी एजेंसी से नहीं। इससे पेच फंसा हुआ है। कई दौर की बैठकों के बाद भी इस पर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। पिछले सत्रों में विश्वविद्यालय प्राइवेट एजेंसी हायर कर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करवाता रहा है। कई दौर की बैठकों के बाद अब कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय की एक टीम को दिल्ली भेजने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम वहां से प्रशिक्षण लेकर आएगी और यहां अन्य लोगों को पोर्टल की तकनीकी से परिचित कराएगी। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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रजिस्ट्रार समेत दो लोग गए थे दिल्ली
काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय और डाॅ. संदीप गिरी गत दिनों पोर्टल के जरिये तकनीकी दिक्कतों के संबंध में दिल्ली गए थे। वहां इस मसले पर बातचीत की गई। अब एक और टीम भेजने की तैयारी है। प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. संजय कुमार ने बताया कि प्रवेश की तैयारियों पर काम हो रहा है। समर्थ पोर्टल के संबंध में हम लोग दिल्ली में बैठे लोगों से लगातार संपर्क में हैं। ब्रोशर तैयार हो चुका है। देखा जा रहा है कि हमारे विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कॉलेजों में प्रवेश के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं के लेवल के हिसाब से नया पोर्टल कितना उपयुक्त है। लगभग 25-30 दिन में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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समर्थ पोर्टल पर एडमिशन करने के लिए विश्वविद्यालय के पास तकनीकी रूप से दक्ष मैन पॉवर का अभाव है। इसका प्रशिक्षण लेने के लिए एक टीम को दिल्ली भेजने पर विचार किया जा रहा है। उसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- प्रो. एके त्यागी, कुलपति काशी विद्यापीठ
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काशी विद्यापीठ कैंपस में स्नातक की लगभग पांच हजार सीटें हैं। इसके लिए एडमिशन की प्रक्रिया अमूमन अप्रैल में शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार मई का अंतिम चरण आ गया और प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। प्रवेश विलंबित होने के पीछे वजह यह है कि केंद्र सरकार से निर्धारित समर्थ पोर्टल के जरिये प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय के पास तकनीकी रूप से दक्ष मैन पॉवर नहीं है। जबकि शासन का आदेश है कि एडमिशन का काम मैन पॉवर से ही कराना है, किसी एजेंसी से नहीं। इससे पेच फंसा हुआ है। कई दौर की बैठकों के बाद भी इस पर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। पिछले सत्रों में विश्वविद्यालय प्राइवेट एजेंसी हायर कर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करवाता रहा है। कई दौर की बैठकों के बाद अब कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय की एक टीम को दिल्ली भेजने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम वहां से प्रशिक्षण लेकर आएगी और यहां अन्य लोगों को पोर्टल की तकनीकी से परिचित कराएगी। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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रजिस्ट्रार समेत दो लोग गए थे दिल्ली
काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय और डाॅ. संदीप गिरी गत दिनों पोर्टल के जरिये तकनीकी दिक्कतों के संबंध में दिल्ली गए थे। वहां इस मसले पर बातचीत की गई। अब एक और टीम भेजने की तैयारी है। प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. संजय कुमार ने बताया कि प्रवेश की तैयारियों पर काम हो रहा है। समर्थ पोर्टल के संबंध में हम लोग दिल्ली में बैठे लोगों से लगातार संपर्क में हैं। ब्रोशर तैयार हो चुका है। देखा जा रहा है कि हमारे विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कॉलेजों में प्रवेश के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं के लेवल के हिसाब से नया पोर्टल कितना उपयुक्त है। लगभग 25-30 दिन में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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समर्थ पोर्टल पर एडमिशन करने के लिए विश्वविद्यालय के पास तकनीकी रूप से दक्ष मैन पॉवर का अभाव है। इसका प्रशिक्षण लेने के लिए एक टीम को दिल्ली भेजने पर विचार किया जा रहा है। उसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- प्रो. एके त्यागी, कुलपति काशी विद्यापीठ