काशी विद्यापीठ: 6 से 8 फरवरी तक काउंसिलिंग, छात्रावास के लिए माता-पिता के साथ आएंगे छात्र; अंतिम दिन निर्धारित
छात्र-छात्राओं को कमरे का आवंटन शुरू हो गया है। इसके लिए नियम भी बनाए गए हैं। इस बार विवि प्रशासन ने निर्देशित किया है कि आवंटन के समय बच्चों को अपने माता-पिता को भी साथ लाना होगा।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सत्र 2024-25 के लिए छात्रावासों में रहने वाले पुराने छात्र-छात्राओं को कमरे का आवंटन शुरू हो गया है। इस बार आवंटन के समय छात्रों को माता-पिता के साथ आना होगा। 6 से 8 फरवरी तक प्रक्रिया चलेगी। 8 फरवरी का दिन छात्राओं के लिए निर्धारित किया गया है।
विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी में दाखिले की प्रक्रिया लगभग खत्म हो चुकी है। छात्रावास आवंटन की तिथि भी तय की जा चुकी है। मुख्य गृहपति प्रो. तेज बहादुर सिंह ने बताया कि आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास में 6 फरवरी को कक्ष आवंटन होगा।
लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास में 7 और जेके महिला छात्रावास में 8 को कमरे आवंटित होंगे। प्रो. तेज बहादुर सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं को कक्ष आवंटन के समय अभिभावक के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होना है।
काशी विद्यापीठ में पीजी की परीक्षा का टाइम टेबल जारी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पीजी के विभिन्न विषयों की परीक्षा अगले सप्ताह से करवाने की तैयारी है। इसके लिए विभागों, संकायों की ओर से समय-सारिणी जारी कर दी गई है। एमए अर्थशास्त्र के साथ ही एमकॉम की परीक्षा का पेपर दो घंटे तक चलेगा।
यूजी, पीजी में दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2024-25 की परीक्षा भी करवाने का निर्णय लिया गया है। वेबसाइट पर समय-सारिणी अपलोड करवा दी गई है। इसमें परिसर के साथ ही गंगापुर, एनटीपीसी कैंपस में एमए अर्थशास्त्र तीसरे सेमेस्टर रेग्युलर, बैक, इंप्रूवमेंट के छात्रों की परीक्षा 11 से 19 फरवरी तक दोपहर 2 से 4 बजे तक करवाई जाएगी।
11 फरवरी को पहले, 15 को दूसरे, 17 को तीसरे और 19 फरवरी को चौथे पेपर की परीक्षा होगी। विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार की ओर से समय-सारिणी जारी करवा दी गई है। एमकॉम प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा 122 फरवरी से 01 मार्च तक होगी।
आरटीआई से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विधि विभाग में राष्ट्रीय कार्यशाला में सूचना का अधिकार अधिनियम पर चर्चा की गई। बतौर मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने कहा कि इस समय आरटीआई के बारे में कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। इसे दूर करने की जरूरत है।
राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने आरटीआई अधिनियम 2005 के धाराओं को बताया। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि आरटीआई एक्ट 2005 एक महत्वपूर्ण अधिकार है। स्वागत प्रो. रंजन कुमार, संचालन डाॅ. मेराज और धन्यवाद डाॅ. शिल्पी गुप्ता ने दिया।