फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kashi Vidyapeeth Convocation Over 71,000 degrees uploaded to DigiLocker in 14 seconds folk music discussed

काशी विद्यापीठ दीक्षांत : 14 सेकंड में 71 हजार से अधिक उपाधियां डिजीलॉकर पर अपलोड, फोक म्यूजिक की चर्चा

Thu, 09 Oct 2025 06:14 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 09 Oct 2025 06:14 AM IST
सार

दीक्षांत समारोह में मेडल पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। इस बार 71 हजार से अधिक उपाधियां डिजीलॉकर पर अपलोड की गई हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इसके लिए सभी का आभार जताया।

विज्ञापन
Kashi Vidyapeeth Convocation Over 71,000 degrees uploaded to DigiLocker in 14 seconds folk music discussed
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मेधावी छात्र और छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रिमोट से बटन दबाते ही मात्र 14 सेकंड में 71 हजार से अधिक उपाधियां डिजीलॉकर पर अपलोड कर दीं। एमएफए के अक्षत कुमार सिंह और बीए-संस्कृत की आकांक्षा प्रजापति को दो-दो गोल्ड मेडल प्राप्त हुए। एक अपने कोर्स में टॉप करने पर, और दूसरा विश्वविद्यालय टॉपर होने पर।पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुके अनिकेत को अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

विज्ञापन


इस अवसर पर मेधावियों ने अपने अनुभव और विचार साझा करते हुए कहा, भाग्य की जड़ हमारे विचारों में होती है। जब विचार, वचन और कर्म शुद्ध होते हैं, तो सफलता स्वयं चौखट पर आ जाती है। आध्यात्मिक शिक्षा के बिना कोई भी शिक्षा पूरी नहीं मानी जा सकती।

विज्ञापन

मेधावियों से बातचीत

चित्रों में खुद को दिखाने की कोशिश करता हूं
पिता किसान हैं, अब पीएचडी के लिए आवेदन करूंगा। एक कलाकार के रूप में अपने व्यक्तित्व को नए ढंग से चित्रों में दर्शाने की कोशिश करता हूं। मुख्य रूप से सेल्फ-पोर्ट्रेट पर काम करता हूं। मेरे आदर्श मेरे शिक्षक प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा और दादाजी हैं। मेरा सपना प्रोफेसर और कला जगत की प्रतिष्ठित हस्ती बनना है। - अक्षत कुमार सिंह, एमएफए, दो गोल्ड मेडल

संस्कृत को सरल बनाकर सबके लिए सुलभ बनाना है
संस्कृत कठिन जरूर लगती है लेकिन यदि एक अच्छा शब्दकोष और मार्गदर्शक मिल जाए तो यह बेहद सरल हो जाती है। पिता का 2022 में बीमारी के चलते निधन हो गया था, मां ही वर्कर हैं और वही घर का खर्च चलाती हैं। आगे सामाजिक कार्य करना चाहती हूं। लंबे समय तक एनसीसी कैडेट रही हूं और एमएसडब्ल्यू करने की योजना है। - आकांक्षा प्रजापति, बीए-संस्कृत, दो गोल्ड मेडल

विज्ञापन

Kashi Vidyapeeth Convocation Over 71,000 degrees uploaded to DigiLocker in 14 seconds folk music discussed
छात्रा को सम्मान पत्र देतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। - फोटो : अमर उजाला

डिजिटल युग में पत्रकारिता की पहुंच बढ़ी है
पत्रकारिता में एआई की भूमिका अहम है लेकिन इसके दुरुपयोग से सावधान रहना होगा। डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता को आम लोगों तक पहुंचाया है। फिलहाल नेट और जेआरएफ की तैयारी कर रहा हूं और भविष्य में पीएचडी के साथ-साथ पत्रकारिता से भी जुड़ा रहना चाहता हूं। - अनिकेत, अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक

2047 के विकसित भारत विजन में योगदान देना है
काशी विद्यापीठ से स्नातक के बाद अब जामिया मिलिया इस्लामिया से डेवलपमेंट कम्युनिकेशन में मास्टर्स कर रही हूं। विकास क्षेत्र में काम कर, भारत के ‘2047 विजन’ को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ना है। 12 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर पर यंग लीडर डायलॉग में हिस्सा लिया, जिसमें प्रधानमंत्री ने भी संबोधित किया। - लैबा सिद्दकी, स्नातक, जर्नलिज्म

जहां स्कूल बंद, वहीं शराब के ठेके, यह रोकना है
गांवों में नशा एक गंभीर समस्या है। मैंने देखा है कि स्कूलों का मर्जर होने के बाद उन्हीं स्थानों पर शराब के ठेके खुल रहे हैं। इस पर रोक लगानी है। महिलाओं के साथ मिलकर नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाऊंगा और नए तरीकों से सामाजिक बदलाव लाऊंगा। - विनायक सिंह, एमएसडब्ल्यू, गोल्ड मेडल

विज्ञापन

विज्ञान का अंत भी आध्यात्म में है
दूसरी बार विश्वविद्यालय का गोल्ड मेडल मिला है। शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि आत्मिक और सामाजिक विकास का माध्यम है। सफलता किसी एक चीज से नहीं, परिवार, शिक्षकों और स्वयं के परिश्रम के संयोग से मिलती है। विचार, वचन और कर्म जब अच्छे होते हैं, तो परिणाम भी उत्तम होता है। शिक्षा का अंत आध्यात्म में होता है। इसके बिना कोई शिक्षा पूर्ण नहीं। जीवन में संगीत और मूल्यों का होना भी उतना ही आवश्यक है। - अंकित दुबे, बीएड, गोल्ड मेडल

मेडल पाकर गाया चैती और सोहर, फोक म्यूजिक को फिर से लाना है सामने
बचपन से ही संगीत में रुचि थी। पहले थोड़ी बहुत सीखने के बाद प्रोफेशनल तौर पर राम शंकर गुरुजी और डॉ. संगीता घोष से पिछले पांच साल से संगीत सीख रही हूं। क्लासिकल बेस है, लेकिन फोक और फिल्मी गाने भी गाती हूं। आजकल फोक म्यूजिक फिर से लोकप्रिय हो रहा है। लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ना हमारा कर्तव्य है। भोजपुर से जुड़ी पारंपरिक धुनें ही असली धरोहर हैं। संगीत में पीएचडी कर कुछ नया करना चाहती हूं। - भाविका जैन, एम म्यूज में टॉपर, गोल्ड मेडल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed