काशी विद्वत परिषद बैठक कर दायर करेगा वाद, पीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की करेंगे मांग
काशी विद्वत परिषद ने सोशल मीडिया पर तथाकथित व्यासपीठ की ओर से श्रीमद्भागवतगीता पर नमाज को तरजीह दिए जाने पर आक्रोश जताया है। विद्वत परिषद ने व्यासपीठ की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को सुधरने की चेतावनी भी जारी की है।
इसके साथ ही ऐसे लोगों को व्यासपीठ से हटाने के लिए जल्द ही बैठक भी आयोजित की है। श्री काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी ने वक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि सनातन संस्कृति और संस्कारों वाली ऋषि मुनियों की तपोभूमि भारत में विधर्मियों द्वारा व्यासपीठ से पथभ्रष्ट करने की बातें अनुचित हैं।
राष्ट्रीय संत की उपाधि रखने वाले भी व्यासपीठ को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कुरान और अल्लाह का पाठ व्यासपीठ से पढ़ा रहे हैं जो सर्वथा सनातन धर्म के विपरीत है।
इस मामले में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नवल गिरि महाराज, चतुह संप्रदाय के महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज, जगदगुरु अनंतानंद द्वाराचार्य, काशी पीठाधीश्वर रामकमल दास वेदांती महाराज और काशी विद्वत परिषद के पश्चिमांचल के प्रभारी नागेंद्र महाराज, निरंजनी अखाड़ा के महंत डॉ. स्वामी आदित्यानंद महाराज सहित देश भर के सतों ने ऐसे व्यासों को तत्काल व्यासपीठ से मुक्त करने की मांग की है।
इस मामले में काशी विद्वत परिषद बैठक कर न्यायालय में वाद भी दायर करेगी। इसकेसाथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग भी करेंगे।