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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kashi Traffic jam due to lack of parking arrangement on way to Srikashi Vishwanath Dham corridor

Kashi Vishwanath Corridor: विश्वनाथ धाम की डगर में बाधा है जाम, वाहन पार्किंग की व्यवस्था धड़ाम

Wed, 13 Dec 2023 11:16 AM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 13 Dec 2023 11:16 AM IST
सार

ऐसा कोई दिन नहीं है जब विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर जाम न लगता हो। शहर के जाम से जूझकर श्रद्धालु गोदौलिया से पहले गिरजाघर चौराहा पहुंचते हैं तो उन्हें पता
लगता है कि चारपहिया वाहन खड़ा करने के लिए मजदा पार्किंग के अलावा सरकारी स्तर पर कोई स्थायी व्यवस्था ही नहीं है।

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Kashi Traffic jam due to lack of parking arrangement on way to Srikashi Vishwanath Dham corridor
वाराणसी में लगी वाहनों की कतार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण को दो साल हो गए, लेकिन आज भी बाबा दरबार की डगर में जाम एक बड़ी बाधा है। वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती है।

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इन दो साल में कमिश्नरेट की पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम और विकास प्राधिकरण जाम और पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान नहीं ढूंढ सके। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने के लिए मैदागिन या गोदौलिया तक पहुंचने में जाम के कारण श्रद्धालुओं को नाकों चने चबाने पड़ते हैं। 
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ऐसा कोई दिन नहीं है जब विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर जाम न लगता हो। जाम से जूझकर श्रद्धालु गोदौलिया से पहले गिरजाघर चौराहा पहुंचते हैं तो उन्हें पता
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लगता है कि चारपहिया वाहन खड़ा करने के लिए मजदा पार्किंग के अलावा सरकारी स्तर पर कोई स्थायी व्यवस्था ही नहीं है।

इसी तरह से मैदागिन में सड़क पर या फिर टाउनहाल में निर्धारित संख्या में चारपहिया वाहन खड़े करने की व्यवस्था है। इसके बाद गिरजाघर चौराहा या मैदागिन चौराहा से श्रद्धालुओं को पैदल ही विश्वनाथ धाम की दूरी तय करनी पड़ती है। यह दूरी बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग और महिला श्रद्धालुओं को कष्टकारी प्रतीत होती है।

दायरा बढ़ा लेकिन सड़क पर अब भी कतार
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का क्षेत्रफल मौजूदा समय में लगभग पांच लाख वर्ग फीट है। मगर, भीड़ प्रबंधन के समुचित प्रशिक्षण और सही जानकारी के अभाव में सावन के
सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्वों पर श्रद्धालुओं को अब भी सड़क पर ही कतार लगाकर बाबा दरबार तक जाना पड़ता है। 

जानकारों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन सही तरीके से हो तो प्रवेश और निकासी की ऐसी व्यवस्था बनाई जा सकती है कि सड़क पर श्रद्धालुओं को कतार ही न लगानी पड़े।


गंगा द्वार से आवाजाही को लेकर उदासीनता
श्री काशी विश्वनाथ धाम का गंगा द्वार इसी उद्देश्य से बनाया गया था कि खास अवसरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ इसी रास्ते से आएगी। इसके लिए राजघाट और अस्सी घाट से गंगा से होकर श्रद्धालुओं की आवाजाही की बात कही गई थी। मगर, अधिकारियों के स्तर से गंगा द्वार से श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर व्यापक पैमाने पर प्रचार-प्रसार के साथ ही सुविधाएं नहीं विकसित की गईं। लिहाजा, गंगा द्वार से श्रद्धालुओं की आवाजाही अब भी बहुत कम होती है।

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