कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में काशी ने दिखाई एकजुटता, गंगा घाटों से लेकर गांवों तक पसरा रहा सन्नाटा
मेडिकल स्टोर, अस्पताल, पैथालॉजी और पेट्रोल पंपों को छोड़ कर अन्य सभी दुकानें बंद रहीं
जिलाधिकारी ने आमजन का जताया आभार, बोले-सामूहिक एकजुटता से ही महामारी से लड़ सकते हैं
विस्तार
वाराणसी। कोरोना संक्रमण के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में लगातार दूसरे दिन रविवार को भी काशी के लोगों ने एकजुटता दिखाई। गंगा घाटों से लेकर गांवों तक मेडिकल स्टोर, अस्पताल, पैथालॉजी और पेट्रोल पंपों को छोड़ कर अन्य सभी दुकानें बंद रहीं।
लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इसके लिए आमजन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सामूहिक एकजुटता से ही हम माहामारी से लड़ सकते हैं। अब दुकानें खुलें तो लोग मास्क जरूर पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन जरूर करें। ऐसी नौबत ही न आने दें कि मास्क न लगाने के आरोप में पुलिस किसी के खिलाफ कार्रवाई करे।
लंका - पब्लिक एड्रेस सिस्टम से कोरोना वायरस के संबंध में आगाह करने का सिलसिला जारी था। मालवीय चौराहे पर पुलिस तैनात थी। दवा की दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखी। इसके साथ ही बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों के तीमारदार भोजन, दूध, ब्रेड आदि के लिए इधर से उधर भटकते रहे।
गोदौलिया - सुबह से ही ग़ोदौलिया चौराहे पर पुलिस तैनात थी। प्रत्येक आने-जाने वाले से पूछताछ के साथ ही मास्क लगाए बगैर मिलने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा था। शाम के समय एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने फोर्स के साथ ग़ोदौलिया और आसपास के इलाके में चक्रमण किया।
मैदागिन चौराहा - रविवार को मैदागिन चौराहा के समीप शव वाहनों की कतार लगी रही। बंदी के बावजूद भी चौराहे पर कुछ मजदूर काम की आस में बैठे हुए थे। चौराहे पर पुलिस भी तैनात थी और अनावश्यक घूमने वालों से पूछताछ कर उन्हें फटकार रही थी।
नदेसर - मिंट हाउस तिराहा के समीप पुलिस मुस्तैदी से तैनात थी। पीआरवी और फैंटम दस्ते की आवाजाही जारी थी। आने-जाने वाले लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही थी। शाम होते ही पुलिस मास्क लगाए बगैर और अनावश्यक घूमने वालों के साथ सख्ती से पेश आई।
कैंट रेलवे स्टेशन - कैंट रेलवे स्टेशन के सामने की सभी दुकानें और होटल रविवार को भी बंद रहे। स्टेशन से बाहर निकलने वाले यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए वाहन को लेकर परेशान दिखे। कई लोग भोजन और चाय पीने के लिए भी परेशान दिखे।
शहर और गांवों के अन्य इलाकों में भी बंदी का पूर्ण समर्थन
लहुराबीर, चेतगंज, सिगरा, रथयात्रा, मंडुवाडीह, महमूरगंज, भिखारीपुर, चौक, पांडेयपुर, कचहरी, अर्दली बाजार, शिवपुर सहित शहर और गांवों के अन्य इलाकों में भी लोग बंदी के पूर्ण समर्थन में दिखे। लोग दूसरों को यह समझाते हुए भी दिखे कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सप्ताह के अंत में दो दिन की बंदी जरूरी है।
गलियों और मुहल्लों में अड़ीबाजी के साथ गंगा स्नान से भी बाज नहीं आए लोग
गलियों और मुहल्लों में लोग दूसरे दिन भी अड़ीबाजी में मशगूल और लापरवाही करते हुए दिखे। दुकानें भी खुली हुईं थीं और लोग आसानी से सामान खरीद रहे थे। इससे पहले सुबह के समय गंगा घाटों पर स्नान करने वाले भी खुद को रोक न पाए और कोविड की गाइडलाइन का उल्लंघन कर धड़ल्ले से नहाते रहे। ठेले पर फल और सब्जी बेचने वाले भी कई मुहल्लों में घूमते हुए दिखे।