Kashi sansad sanskritik mahotsav: इस बार का काशी सांसद महोत्सव होगा खास, 100 साल तक के खिलाड़ी दिखाएंगे दम
सह जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि काशी सांसद खेल, क्विज, सांस्कृतिक महोत्सव ओपन प्रतियोगिता होगी। ग्रामीण, न्याय पंचायत, ब्लॉक व जोनल और जिला स्तर प्रतियोगिता में 10 से 19, 19 से 40 और 40 से 100 तक के लोग इसमें हिस्सा ले सकेंगे।
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काशी सांसद महोत्सव की तैयारियों को लेकर मंगलवार को आयुक्त सभागार में बैठक हुई। खेलो बनारस के तीसरे संस्करण में इस बार कई बदलाव होंगे। इसमें 24 खेलों के साथ इस बार काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव, क्विज और खेल महोत्सव को भी शामिल किया गया है। महोत्सव में इस बार चार आयु वर्ग के खिलाड़ी और कलाकर हिस्सा लेंगे।
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जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने महोत्सव के लिए ग्रामीण स्तर पर तैयारी करने के लिए नोडल अधिकारी नामित किए हैं। महोत्सव के लिए अपर जिलाधिकारी जवाहरलाल श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस वर्ष खेलो बनारस के नाम के साथ अन्य कई बदलाव किए गए हैं। बीते दो संस्करणों में पांच और नौ खेल हुए। इस बार 18 अगस्त और 16 सितंबर के बीच काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव, अक्तूबर में काशी सांसद खेल महोत्सव और दिसंबर में काशी सांसद क्विज महोत्सव होंगे। बैठक में जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और तिब्बती संस्थान को कार्यक्रम की समय सारणी के अनुसार अपनी तैयारियों का मूल्यांकन कर अपनी गतिविधियों को पांच अगस्त तक उपलब्ध कराने के लिए कहा है। खेल विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी और खेल संघों के पदाधिकारी शामिल हुए।
पांच स्तर पर तीन आयु वर्ग में होगी प्रतियोगिता
सह जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि काशी सांसद खेल, क्विज, सांस्कृतिक महोत्सव ओपन प्रतियोगिता होगी। ग्रामीण, न्याय पंचायत, ब्लॉक व जोनल और जिला स्तर प्रतियोगिता में 10 से 19, 19 से 40 और 40 से 100 तक के लोग इसमें हिस्सा ले सकेंगे। इस बार तीन लाख प्रतिभागियों के प्रतिभा को निखारने का लक्ष्य है। सह जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि क्विज प्रतियोगिता के लिए काशी के इतिहास, पर्यटन, शिक्षा, आदि पर आधारित 10 हजार प्रश्नों वाली एक किताब प्रकाशित की जाएगी।
गायन, वादन और नृत्य में भी दिखा सकेंगे प्रतिभा
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य छुपी हुई प्रतिभाओं को निखारने तथा उनके अंदर के भय को समाप्त करना है। इसमें गायन, वादन और नृत्य की विधा का आयोजन किया जाएगा। जहां सभी वर्गों के लोगों को प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।