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महिलाओं की खूबसूरती बढ़ाएगी काशी की पश्मीना साड़ी
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बनारसी साड़ियां दुनिया भर में लोगों को लुभा रहीं हैं। इसी क्रम में जम्मू की प्रसिद्ध पश्मीना साड़ी को बनारस में बनाया जाएगा। ये साड़ी पूरी तरह हस्त निर्मित होगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से काशी में पश्मीना शॉल बनाने की शुरुआत की गई थी।
अब खादी विभाग की ओर से यहां पश्मीना साड़ी बनाने की शुरुआत जुलाई माह से की जाएगी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पाई जाने वाली बकरियों के बालों से पश्मीना का धागा बनता है। ये धागा साल में केवल दो माह जुलाई व अगस्त में ही निकाला जाता है। इसलिए जुलाई में वहां से धागा मंगाने के बाद खादी ग्रामोद्योग आयोग बड़े स्तर पर काम शुरू करेगा। अक्तूबर तक साड़ी के बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
साड़ी बनाने के लिए कारीगरों को फैशन व डिजाइनिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उसके बाद वृहद स्तर पर इसका काम शुरू होगा। खादी ग्रामोद्योग आयोग से जुड़ी संस्थाओं को साड़ी बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए संस्थाओं को चिह्नित किया जा रहा है। यहां पर बनने वाली साड़ी देश के अलग अलग हिस्सों में बेची जाएगी। हैंडलूम पर एक साड़ी तैयार करने में लगभग 8 से 10 दिन का समय लगेगा। साड़ी की शुरुआती कीमत एक लाख रुपये होगी।
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पश्मीना शॉल के बाद अब जल्द ही पश्मीना साड़ी बनाने का शुरू होगा। उम्मीद है कि अक्तूबर माह से साड़ी खादी के दुकानों पर उपलब्ध होगी।
- डीएस भाटी, निदेशक, खादी ग्रामोद्योग आयोग
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अब खादी विभाग की ओर से यहां पश्मीना साड़ी बनाने की शुरुआत जुलाई माह से की जाएगी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पाई जाने वाली बकरियों के बालों से पश्मीना का धागा बनता है। ये धागा साल में केवल दो माह जुलाई व अगस्त में ही निकाला जाता है। इसलिए जुलाई में वहां से धागा मंगाने के बाद खादी ग्रामोद्योग आयोग बड़े स्तर पर काम शुरू करेगा। अक्तूबर तक साड़ी के बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
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साड़ी बनाने के लिए कारीगरों को फैशन व डिजाइनिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उसके बाद वृहद स्तर पर इसका काम शुरू होगा। खादी ग्रामोद्योग आयोग से जुड़ी संस्थाओं को साड़ी बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए संस्थाओं को चिह्नित किया जा रहा है। यहां पर बनने वाली साड़ी देश के अलग अलग हिस्सों में बेची जाएगी। हैंडलूम पर एक साड़ी तैयार करने में लगभग 8 से 10 दिन का समय लगेगा। साड़ी की शुरुआती कीमत एक लाख रुपये होगी।
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पश्मीना शॉल के बाद अब जल्द ही पश्मीना साड़ी बनाने का शुरू होगा। उम्मीद है कि अक्तूबर माह से साड़ी खादी के दुकानों पर उपलब्ध होगी।
- डीएस भाटी, निदेशक, खादी ग्रामोद्योग आयोग