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Varanasi News: पूर्वांचल में सबसे ज्यादा काशी में बरसा मानसून, औसत से 89% ज्यादा

Wed, 02 Sep 2026 01:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:36 AM IST
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Kashi received the heaviest monsoon rainfall in Purvanchal above average.
प्रदेश की सबसे ज्यादा बारिश में काशी का आठवां स्थान, सामान्य से 203 मिमी ज्यादा, सोनभद्र पूर्वांचल का दूसरा जिला जहां सबसे ज्यादा बारिश हुई
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-- मंगलवार को 60 मिमी बारिश हुई
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। अगस्त में बारिश में काशी का प्रदेश में आठवां और पूर्वांचल में पहला स्थान रहा। काशी में 31 दिनों में 448 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जो कि सामान्य से 89 फीसदी ज्यादा है। मंगलवार को काशी में पूरे दिन 60 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो गई।
सामान्य तौर पर काशी में अगस्त में 245.1 मिमी औसत बारिश होती है, लेकिन इस बार 203 मिमी से ज्यादा बरसात हो गई। काशी के बाद पूर्वांचल में सबसे बारिश वाला जिला सोनभद्र रहा। इसका प्रदेश में 16वां स्थान रहा। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी अगस्त की रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है।
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केंद्रीय जल आयोग और मौसम विज्ञान विभाग के दोनों प्रहर के आंकड़ों के अनुसार, दिन में 36 और शाम को 25 मिमी बरसात हुई। मंगलवार का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम 29.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री कम 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा नमी 91 फीसदी दर्ज की गई जिससे दिन में उमस ने काशीवासियों को बेेबस कर दिया।
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100 साल में दूसरी बार इतनी ज्यादा बरसात
प्रदेश में 100 साल में दूसरी बार औसत से इतनी ज्यादा बारिश हुई है। 2018 में 293.1 मिमी ज्यादा और इस बार 291.3 मिमी ज्यादा बरसात हुई। प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश वाले जिलों में 631.6 मिमी के साथ प्रयागराज पहले और 646 मिमी के साथ बांदा दूसरे स्थान पर रहा।
एलनिनो के चलते पूर्वांचल में अच्छी बारिश
सितंबर में काशी समेत पूर्वांचल में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मासिक दृष्टिकोण के अनुसार भूमध्य रेखीय प्रशांत महासागर में बनी मजबूत एल-निनो के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में कम, लेकिन हिंद महासागर द्विध्रुव के मजबूत होने से प्रदेश के दक्षिणी-पूर्वी भाग में औसत मासिक वर्षा सामान्य से अधिक रह सकती है। इसी क्रम में सितंबर के दौरान औसत प्रादेशिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।

काशी के ऊपर से गुजर रही मानसून की द्रोणी
वर्तमान में उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं मानसून की द्रोणी जम्मू, चंडीगढ़, शाहजहांपुर, वाराणसी से गुजर रही है। आगामी पांच दिनों तक भारी वर्षा के साथ शुरुआती 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
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