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काशी एक्सप्रेस की जनरल बोगी की चटकी मिली स्प्रिंग, हादसा होने से बचा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:22 PM IST
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गोरखपुर से चलकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस को जाने वाली गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस की एक बोगी की स्प्रिंग चटक गई। समय रहते इसकी जानकारी होने से हादसा होने बच गया। वहीं यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ा।
गोरखपुर से मुंबई जाने वाली 15018 गोरखपुर-मुंबई एक्सप्रेस शनिवार की सुबह 11:15 बजे बनारस के कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। जनरल बोगी के पहियों के समीप लगी एक स्प्रिंग के चटकने की जानकारी होने के बाद पावर केबिन, उप स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में देने के साथ अफसरों को सूचना दी गई।
इसके बाद आरपीएफ को बुलवाया गया। बोगी खाली कराई गई। लगभग एक बजे तक मरम्मत का काम होने के बाद ट्रेन अपने गंतव्य को रवाना हो पाई। समय रहते इस खामी का पता नहीं चलता तो दुर्घटना भी हो सकती थी। प्लेटफार्म नंबर पांच पर काशी एक्सप्रेस के खड़ा रहने से कई ट्रेनें प्रभावित रहीं।
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रक्सौल जा रही सद्भावना एक्सप्रेस, लखनऊ जा रही अर्चना एक्सप्रेस, दिल्ली जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस को नजदीकी स्टेशनों पर रोककर रखा गया। हावड़ा से आने वाली दून एक्सप्रेस को काशी स्टेशन पर रोका गया। ये ट्रेनें प्लेटफार्म पांच के बजाय चार से गुजारी गईं।
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गोरखपुर से मुंबई जाने वाली 15018 गोरखपुर-मुंबई एक्सप्रेस शनिवार की सुबह 11:15 बजे बनारस के कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। जनरल बोगी के पहियों के समीप लगी एक स्प्रिंग के चटकने की जानकारी होने के बाद पावर केबिन, उप स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में देने के साथ अफसरों को सूचना दी गई।
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इसके बाद आरपीएफ को बुलवाया गया। बोगी खाली कराई गई। लगभग एक बजे तक मरम्मत का काम होने के बाद ट्रेन अपने गंतव्य को रवाना हो पाई। समय रहते इस खामी का पता नहीं चलता तो दुर्घटना भी हो सकती थी। प्लेटफार्म नंबर पांच पर काशी एक्सप्रेस के खड़ा रहने से कई ट्रेनें प्रभावित रहीं।
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रक्सौल जा रही सद्भावना एक्सप्रेस, लखनऊ जा रही अर्चना एक्सप्रेस, दिल्ली जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस को नजदीकी स्टेशनों पर रोककर रखा गया। हावड़ा से आने वाली दून एक्सप्रेस को काशी स्टेशन पर रोका गया। ये ट्रेनें प्लेटफार्म पांच के बजाय चार से गुजारी गईं।
ट्रेन के टॉयलेट में गिरा पर्स, ट्वीट के बाद हरकत में आया रेल प्रशासन
गरीब रथ से सफर कर रहे एक यात्री का पर्स टायलेट में गिर गया। इसको लेकर जब यात्री ने ट्वीट किया तो रेल प्रशासन हरकत में आया और पर्स की तलाश शुरू हुई। खबर लिखे जाने तक पर्स नहीं मिला था।
डॉ. प्रशांत बरनवाल गरीब रथ से दिल्ली से वाराणसी आ रहे थे। जंघई के करीब टॉयलेट का इस्तेमाल करने के दौरान उनका पर्स गिर गया। पर्स टॉयलेट के होल से होते हुए पटरी पर गिर गया। डॉ. बरनवाल ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकने का प्रयास किया पर आरोप है कि चेन पुलिंग हुई ही नहीं।
इसके बाद उन्होंने रेल प्रशासन को ट्वीट किया। ट्वीट के बाद कंट्रोल को इसकी सूचना दी गई। कंट्रोल से आरपीएफ के पास कार्रवाई के निर्देश आए। जंघई आरपीएफ की एक टीम को पटरी पर पर्स को तलाश करने के लिए भेजा गया।
डॉ. प्रशांत बरनवाल गरीब रथ से दिल्ली से वाराणसी आ रहे थे। जंघई के करीब टॉयलेट का इस्तेमाल करने के दौरान उनका पर्स गिर गया। पर्स टॉयलेट के होल से होते हुए पटरी पर गिर गया। डॉ. बरनवाल ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकने का प्रयास किया पर आरोप है कि चेन पुलिंग हुई ही नहीं।
इसके बाद उन्होंने रेल प्रशासन को ट्वीट किया। ट्वीट के बाद कंट्रोल को इसकी सूचना दी गई। कंट्रोल से आरपीएफ के पास कार्रवाई के निर्देश आए। जंघई आरपीएफ की एक टीम को पटरी पर पर्स को तलाश करने के लिए भेजा गया।
बाइक लादने को लेकर गार्ड और यात्री भिड़े
वाराणसी से सुल्तानपुर जा रही वाराणसी-सुल्तानपुर पैसेंजर में बाइक लादने को लेकर एक यात्री गार्ड से भिड़ गया। मामला बिगड़ता देख किसी ने इसकी जानकारी आरपीएफ को दे दी। मौके पर पहुंची आरपीएफ ने मामला शांत कराया और बाइक को उतारा गया। हालांकि रेल परिसर में बाइक लेकर आने और ट्रेन पर लादने के मामले में आरपीएफ ने उक्त यात्री पर कोई कार्रवाई नहीं की।
इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा चलती रही। खालिसपुर का रहने वाला सुभाष मिश्रा शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और वाराणसी-सुल्तानपुर पैसेंजर में बाइक लादने लगा। यह देख ट्रेन के गार्ड ने इसका विरोध किया। इसको लेकर यात्री और गार्ड दोनों आपस में भिड़ गए। मौके पर भीड़ जुट गई। मामला बढ़ता देख किसी यात्री ने आरपीएफ को सूचना दी।
मौके पर पहुंची आरपीएफ ने दोनों लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद बाइक उतार दी गई और ट्रेन रवाना हुई। डेढ़ घंटे देरी से ट्रेन के रवाना होने का कारण कुछ यात्री इसी विवाद को बताते रहे। हालांकि रेल अधिकारियों ने ट्रेन के लेट होने का कारण परिचालन संबंधी दिक्कतों को बताया। सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे मामले में यात्री पर आरपीएफ ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा चलती रही। खालिसपुर का रहने वाला सुभाष मिश्रा शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और वाराणसी-सुल्तानपुर पैसेंजर में बाइक लादने लगा। यह देख ट्रेन के गार्ड ने इसका विरोध किया। इसको लेकर यात्री और गार्ड दोनों आपस में भिड़ गए। मौके पर भीड़ जुट गई। मामला बढ़ता देख किसी यात्री ने आरपीएफ को सूचना दी।
मौके पर पहुंची आरपीएफ ने दोनों लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद बाइक उतार दी गई और ट्रेन रवाना हुई। डेढ़ घंटे देरी से ट्रेन के रवाना होने का कारण कुछ यात्री इसी विवाद को बताते रहे। हालांकि रेल अधिकारियों ने ट्रेन के लेट होने का कारण परिचालन संबंधी दिक्कतों को बताया। सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे मामले में यात्री पर आरपीएफ ने कोई कार्रवाई नहीं की।